एमएलएफ 2020 के लिए जय जवान, जय किसान, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और बॉलीवुड जैसे चुने गए व्यापक विषयों की प्रशंसा करते हुए रक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मंच व्यापक क्षेत्रीय और राष्ट्रीय महत्व के लिए सार्थक बातचीत प्रदान करता रहेगा। सैनिकों के साथ अपने व्यक्तिगत नाते को दोहराते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार का एमएलएफ और भी विशेष है, क्योंकि देश पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के युद्ध की स्वर्ण जयंती मनाने जा रहा है।
यह वास्तव में लोगों का कार्यक्रम है: बदनौर
पंजाब के राज्यपाल वीपीएस बदनौर ने कहा कि एमएलएफ जैसे खास आयोजन सैन्य इतिहास, मूल्यों, परंपराओं और लोकाचार को उजागर करते हैं। यह वास्तव में लोगों का कार्यक्रम है, जिसका हर साल क्षेत्र के लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं।
रक्षा बलों के बहु-जातीय व बहु-विश्वास वाला चरित्र सराहनीय : शेरगिल
मुख्यमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल (सेवामुक्त) ने एमएलएफ के आयोजन में अपार समर्थन प्रदान करने के लिए पश्चिमी कमान की सराहना की। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि इस बार उत्सव को खुले में आयोजित नहीं किया जा सकता था, क्योंकि वर्तमान वर्ष कोविड -19 महामारी से घिरा है।
दिवंगत प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए वरिष्ठ सलाहकार ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने नया जीवन शुरू किया और ‘जय जवान-जय किसान’ नारे के जरिये किसान और सैनिक दोनों के महत्व पर जोर देकर देश को मजबूत कर दिया। जनरल शेरगिल ने कहा कि देश के रक्षा बलों का सबसे सराहनीय पहलू उनका बहु-जातीय और बहु-विश्वास वाला चरित्र है, जिसे पंजाब ने गर्व से जाहिर किया है।
परिदृश्य बदलाव के दौर से गुजर रहा है : वोहरा
एमएलएफ के आयोजन में पंजाब सरकार के प्रयास की सराहना करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल एनएन वोहरा ने कहा कि परिदृश्य बदलाव के दौर से गुजर रहा है और अगर यह जारी रहा तो युवा पीढ़ी को सैन्य अकादमियों बेहतर प्रेरणा मिलेगी। नागरिक और सैन्य डोमेन के बीच अधिक से अधिक जुड़ाव की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों के बीच बेहतर सामंजस्य, राष्ट्रीय एकता और देश की संप्रभुता की मजबूती के लिए बेहतर होगा।