केंद्रीय गृह मंत्रालय बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य के आधार पर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे पंजाब आतंकवाद के दोषियों को रिहा करने के पक्ष में नजर नहीं आ रही।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने वीरवार को पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को इस मामले में केंद्र की मंशा से अवगत करा दिया। हालांकि, राजनाथ ने यह जरूर कहा कि वह इस मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार करेंगे। उधर, हैदराबाद में भाजपाध्यक्ष अमित शाह ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की 13 दोषियों को रिहा करने की मांग से असहमति जताई है।
केंद्रीय गृहमंत्री से मिला शिष्टमंडल
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल के नेतृत्व में पार्टी का शिष्टमंडल केंद्रीय गृहमंत्री से नई दिल्ली में मिला। प्रतिनिधिमंडल में उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ भी थे।
उन्होंने राजनाथ सिंह को सौंपे ज्ञापन में सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों (टाडा के तहत नजरबंद) की रिहाई का अनुरोध किया। शिअद नेताओं ने मांग रखी कि केंद्र संबंधित राज्य सरकारों को निर्देशित करे कि प्री-मेच्योर रिलीज पॉलिसी के तहत शर्तें पूरी कर रहे इन बंदियों को रिहा किया जाए।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा पंजाब की जेलों में 182 उम्रकैदी (जो समय से पूर्व रिहाई के योग्य हैं) के संबंध में भी पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट के जुलाई, 2014 में दिए फैसले के मद्देनजर उनकी सजा घटाने के लिए अपनी शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकती। इस संबंध में पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर समय से पूर्व रिहाई की अपील करेगी।
मानवता के आधार पर मांग
इससे पहले मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केंद्र को इन कैदियों की रिहाई के बाबत चिट्ठी भी लिखी थी। कैदियों की सूची में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे भी शामिल हैं। बादल के मुताबिक, यह मांग मानवता के आधार पर की जा रही है।
मुलाकात के बाद सुखबीर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चंडीगढ़ सहित उत्तर प्रदेश, राजस्थान, प. बंगाल, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली आदि की जेलों में बंद 13 कैदियों में कुछ ऐसे हैं जो 30 साल से भी ज्यादा समय से जेल में हैं। इनमें से कई की उम्र 80 साल है। इन कैदियों के परिवार वालों की गुजारिश पर पंजाब सरकार ने केंद्र से यह मांग की है।
राष्ट्र विरोधी का ठप्पा न लगाएं: सुखबीर
शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि उनकी पार्टी पंजाब के लोगों की आवाज बुलंद कर रही है। उस पर राष्ट्र विरोधी होेने का ठप्पा लगाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।