बैठक में एनडीआरएफ और सेना अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह किसी भी हालत से निपटने से पहले निचले एरिया का जायजा ले। किसी भी विभाग का अधिकारी हेड क्वार्टर से मंजूरी लिए बिना अपना स्टेशन नहीं छोड़ेगा।
वहीं अपना मोबाइल फोन 24 घंटे खुला रखेंगे। तहसील स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम बनाने और वहां पर मुलाजिमों को तैनात किया जाए। सतलुज दरिया पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी। जल स्तर बढ़ने पर तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों की दी जाए।
जालंधर में तेज बारिश के साथ गिरे ओले
जालंधर में तेज बरसात के साथ ओले गिरे। बारिश से गुरुवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि बारिश ज्यादा देर के लिए नहीं हुई। वहीं ओलावृष्टि भी शहर के एक हिस्से में हुई। दोपहर बाद शुरू हुई बारिश कुछ देर बाद बंद हो गई थी। आसमान में बादल छाए रहे और मौसम सुहावना बना रहा।
बठिंडा में भी तेज आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। तंदूर की तरह तप रहे बठिंडा को तेज हवाओं ने गर्मी से राहत जरूर दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 12 घंटों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अधिकारी सुरिंदर सिंह ने बताया कि गुरुवार को न्यूनतम तापमान 24.6 और अधिकतम 36.5 डिग्री दर्ज किया गया है। बठिंडा में दस मिनट तक बारिश हुई है।