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ब्लॉक के सभी 62 गांवों में लगेंगे वर्षा मापी यंत्र

Mon, 24 Nov 2014 11:48 PM IST
अमर उजाला, कैथ्ाल
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केंद्र सरकार द्वारा देश के दस ब्लॉकों में चलाए जा रहे जल सरंक्षण अभियान के तहत कैथल ब्लॉक के सभी 62 गांवों में वर्षामापी यंत्र लगाए जाएंगे। तीन किलोमीटर के घेरे में एक वर्षा मापी यंत्र लगेगा। इस तरह से सभी 62 गांवाें में 42 वर्षा मापी यंत्र लगाए जाने की विभाग ने योजना तैयार की है।
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इसके माध्यम से वर्ष भर होने वाली बरसात के पानी की पैमाइश की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा करीब दो वर्ष पूर्व देश के 10 ब्लॉकों में पेयजल संरक्षण के लिए पॉयलेट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। जिसमें हरियाणा से एकमात्र कैथल ब्लॉक को लिया गया था। इस योजना के तहत कैथल ब्लॉक के सभी 62 गांवों में पानी के बचाव को लेकर विशेष मुहीम चलाई गई थी। हरियाणा के ही एक विश्वविद्यालय के साथ टाई-अप करके विभाग द्वारा गांवों में वाटर बजट तैयार किया गया था। इसके लिए केंद्र सरकार की टीम द्वारा भी निरीक्षण किया गया था। लेकिन बीच में बजट न मिलने के कारण पिछले करीब साल भर से यह प्रोजेक्ट ठप्प पड़ा हुआ था। जिस कारण पूर्व में किया गया काम भी व्यर्थ साबित होता नजर आ रहा था।

वाटर टेबल में डेंजर जोन में आता है कैथल
कैथल जिला वाटर टेबल के हिसाब से डेंजर जॉन में आता है। यहां भू-जल स्तर हर साल एक मीटर की गति से नीचे जा रहा है। जिस कारण यदि यही स्थिति रही तो आने वाले वर्षों में पीने का पानी भी नहीं मिल पाएगा।
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केंद्र सरकार ने लिया बजट जारी का फैसला
सरकार ने अब एक बार फिर से इस प्रोजेक्ट के तहत बजट जारी करने का निर्णय लिया है। जिसमें पहले जिन गांवों में पानी का बजट बनाकर लोगों को पानी के बचाव की जानकारी दी गई थी। अब उन गांवों में पानी बचाव के लिए विभिन्न विभागों के साथ मिलकर विस्तृत योजना बनाई जाएगी।

मापी जाएगी पानी की आवक
जनस्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक यही जानकारी उपलब्ध नहीं है कि किस गांव में एक साल में कितनी बरसात होती है। इसी जानकारी के लिए प्रोजेक्ट के तहत निर्णय लिया गया है कि 3 वर्ग किलोमीटर में एक वर्षा मापी यंत्र लगाया जाए। जिससे पूरे ब्लॉक का सही आंकड़ा सामने आ सकेगा। इसके लिए 62 गांवों के कुल क्षेत्रफल में 3 वर्ग किलोमीटर में 1 वर्षा मापी यंत्र के हिसाब से 42 वर्षा मापी यंत्र लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। इन यंत्रों के माध्यम से पता चल सकेगा कि एक साल में पूरे ब्लॉक में कितनी बरसात होती है। इसे किसानों एवं पेयजल के लिए भूमि में से निकाले जा रहे पानी की मात्रा से तुलना करते हुए लोगों को पानी की बचत करने की अपील की जाएगी।
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