जगाधरी वर्कशाप में मंगलवार सुबह का नजारा ही कुछ अलग था। रेलवे कालोनी की गलियों और सड़काें पर कारखाना कर्मचारी हाथ में झाडू लेकर सफाई करने में जुटे हुए थे।
कालोनी की बदहाल सफाई व्यवस्था से त्रस्त कालोनी वासियों ने गदंगी को खुद साफ करने का बीड़ा उठाया। इस अभियान में कारखाने के करीब आठ सौ कर्मचारी शामिल हुए। अभियान की शुरूआत सीडब्ल्यूम बीके पासवान ने कालोनी में सफाई कर की।
इस अभियान में नार्दन रेलवे मैंस यूनियन, उत्तर रेलवे मजूदर यूनियन सहित अन्य यूनियनों से जुड़े कर्मचारी शामिल हुए। हाथो में झाडृू, कस्सी, घास काटने के औजार और अन्य सफाई के सामान लेकर कर्मचारी कालोनी की हर सड़क और गली में पहुंचे।
कालोनी में सफाई अभियान दो चरणों में चलाया गया। सुबह नौ से 11 बजे और शाम तीन से साढ़े पांच तक। इस कार्य में रेलवे यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह खुद का ट्रैक्टर और कटर लेकर आए। महिला कर्मचारी भी हाथों में झाड़ू लेकर कालोनी की सड़को को साफ करती नजर आई। यह कालोनी करीब 275 एकड़ में फैली है। कालोनी में करीब 1900 क्वार्टर हैं। कर्मचारियों के इस प्रयास की सभी ने भरपूर सराहना की।
लंबे समय से बदहाल है कालोनी
यूआरएमयू के शाखा सचिव मंजित सिंह ने कहा कि लंबे समय से कालोनी में सफाई नहीं हुई है। कालोनी में जगह-जगह घास उगी है। जहां-तहां कूड़ा-कर्कट फैला रहता है। कालोनी की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए सभी यूनियन लंबे समय से मांग कर रही थी।
प्रधानमंत्री की तरफ से शुरू किए गए सफाई अभियान से प्रेरित होकर रेलवे कर्मचारियों ने फैसला किया कि कालोनी में साफ-सफाई खुद करेंगे। श्रमदान में डिप्टी सीएमई एससी सोखला और सोम प्रकाश, एसपीओ एके अरोड़ा, यूआरएमयू के प्रधान प्रेमचंद, ऋषि लाल, अमित कुमार, राजकुमार, वेद प्रकाश, गोबिंद राम, धर्मवीर कांबोज, गगन सिंह, नवतेज सिंह, एनआरएमयू के सचिव विनोद कुमार भी शामिल हुए।
आरपीएसएफ कर्मचारियों ने भी काटी घास
रेलवे प्रोटेक्शन सिक्योरिटी फोर्स के लगभग 100 कर्मचारियों ने भी इस सफाई अभियान में हिस्सा लेकर श्रमदान किया। सभी कर्मचारी सफेद ड्रेेस पहनकर अभियान में शामिल हुए। कई जगह से बड़ी घास काटी और गंदगी का निपटान किया।