चंडीगढ़। हॉर्टिकल्चर (बागवानी) विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले नगर निगम के बर्खास्त कच्चे कर्मचारी विशाल व राजीव केस दर्ज होने के बाद फरार हो गए हैं। वहीं, इस मामले में नौकरी के लिए रिश्वत देने वाली महिला पहले अपने पैसे मिलने के बाद पुलिस कार्रवाई से पीछे हट गई थी लेकिन नगर निगम आयुक्त ने फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ उनके खिलाफ सेक्टर-17 पुलिस थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। पुलिस दोनों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।
नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग में तैनात कच्चे कर्मचारी विशाल और राजीव की ओर से नयागांव निवासी महिला अंजलि व उसके पति से नौकरी लगवाने के लिए 2.40 लाख रुपये रिश्वत लेने का मामला आलाधिकारियों के संज्ञान में आया था। आयुक्त के निर्देश पर दोनों के खिलाफ विभागीय जांच की गई। विभागीय जांच में दोनों ने महिला से पैसे लेने की बात कबूली। इस पर आयुक्त ने दोनों को नौकरी से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए। इनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए भी सिफारिश कर दी गई। इसी बीच दोनों आरोपियों की ओर से शिकायतकर्ता महिला को उसके कुछ पैसे वापस लौटा दिए गए और उसने पुलिस कार्रवाई से इन्कार कर दिया।
वर्जन
विशाल व राजीव के खिलाफ नौकरी दिलवाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप की जांच के बाद केस दर्ज करवाया गया है। यह मामला किसी करोड़ों की ठगी से जुड़ा नहीं है। महिला की शिकायत में भी करोड़ों की ठगी का कोई जिक्र नहीं हैं। उसने केवल हाॅर्टिकल्चर विभाग में नौकरी दिलवाने के नाम पर निगम कर्मियों की ओर से 2.40 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। -
आंनिदिता मित्रा, आयुक्त नगर निगम