चंडीगढ़ सेक्टर-32डी स्थित पीजी में 22 फरवरी को आग लगने से तीन छात्राओं की मौत के मामले में आठ दिन बाद भी तीसरे आरोपी नीतेश पोपली का सुराग नहीं लगा है। पुलिस को आशंका है कि वह हरियाणा या हिमाचल प्रदेश में छिपा है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपी का मोबाइल भी स्विच ऑफ है।
सेक्टर-34 थाना प्रभारी बलदेव कुमार की टीम पीजी संचालक नीतेश बंसल और कोठी मालिक गौरव अनेजा को गिरफ्तार कर चुकी है। रिमांड के दौरान आरोपी ने खुलासा किया था कि पीजी को 90 हजार प्रतिमाह किराये पर दिया गया था। गौरतलब है कि 22 फरवरी की शाम लैपटॉप चार्जर के दौरान शॉर्ट सर्किट से कोठी नंबर 3325 में एक गर्ल्स पीजी में अचानक आग लग गई थी।
कमरे में धुआं फैलने से पीजी में मौजूद छात्राओं का दम घुटने लगा। इस बीच कुछ छात्राएं बाहर भागने में कामयाब हो गईं, जबकि पांच छात्राएं धुएं और आग में फंस गईं। हादसे में लक्ष्मी नगर(हिसार) निवासी मुस्कान (21) की झुलसने, जबकि सत्य बाजार (कोटकपूरा) निवासी पाक्षी ग्रोवर (20) और कपूरथला निवासी रिया अरोड़ा (19) की दम घुटने से मौत हो गई।
इसके बाद सेक्टर-34 थाना पुलिस ने कोठी मालिक गौरव अनेजा और पीजी संचालक नीतेश बंसल व नीतेश पोपली के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच में करीब डेढ़ साल से अवैध रूप से गर्ल्स पीजी संचालित हो रहा था। पीजी में 10 से ज्यादा कमरे हैं। बता दें कि सेक्टर-34 थाना पुलिस ने नवंबर 2019 और फरवरी 2020 को आरोपी संचालक नीतेश बंसल पर धारा 188 के तहत मामला भी दर्ज किया था।