अमृतसर जिला सेहत अधिकारियों ने ब्लॉक जंडियाला गुरु के गावं राजेवाल में चल रहे ‘जीवन जागृति’ निजी नशा छुड़ाओ केंद्र पर छापा मारकर नशे से ग्रस्त 26 मरीजों को छुड़वाया।
छुड़ाए गए सभी मरीजों को श्री गुरु नानक देव जी अस्पताल परिसर में स्थित श्री विवेकानंद नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल करवाया गया है। जिला सेहत अधिकारियों ने गैरकानूनी ढंग से चल रहे इस नशा छुड़ाओ केंद्र को सील कर दिया है।
साथ ही इसके संचालकों के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया गया है। पुलिस ने संचालकों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। संचालकों की पहचान अभी नहीं हुई है। नशे की लत को छोड़ने के लिए इस केंद्र में दाखिल हुए इन नौजवानों को इस केंद्र में न तो दवाई दी जा रही थी, न हीं वहां पर कोई मूलभूत सुविधाएं थी।
जानकारी के अनुसार इस केंद्र के संचालक मरीजों को मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित भी करते थे। सिविल सर्जन डॉ. हरदीप सिंह घई ने बताया कि जब इन मरीजों को नशा छुड़ाओ केंद्र से बाहर निकाला जा रहा था तब कई ने बताया कि उन्हें कई दिनों से खाना नहीं मिला है। संचालक इन सभी को दो कमरों में बंद कर ताला लगाकर चले जाते थे। जो मरीज इसका विरोध करता उसको पीटा जाता था।
इस केंद्र का संचालन करने वालों के पास नशा छुड़ाओ केंद्र चलाने का कोई भी लाइसेंस नहीं है और न ही इस केंद्र की रजिस्ट्रेशन पंजाब सरकार से करवाई हुई है। यह केंद्र अवैध ढंग से चल रहा था। हरदीप घई ने लोगों से आह्वान किया कि वह नशे के मरीजों को निजी केंद्रों में दाखिल न करवाएं।