यूपी की राजधानी लखनऊ में सात पेट्रोल पंपों पर चिप के माध्यम से तेल की घटतौली का खुलासा होने के बाद चंडीगढ़ में भी शनिवार को कई पेट्रोल पंपों पर एचपीसीएल ने छापे मारे। इससे संचालकों में हड़कंप मच गया। इस दौरान टीम ने तेल की मात्रा और गुणवत्ता की चेकिंग की। जांच अधिकारियों ने बताया कि किसी भी पंप पर तेल की मात्रा या गुणवत्ता में फर्क मिलने पर रजिस्ट्रेशन रद्द तक किया जा सकता है। हालांकि सिटी ब्यूटीफुल में किसी पेट्रोल पंप पर घटतौली जैसी कोई शिकायत नहीं मिली।
समय-1.15 बजे , सेक्टर-17
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के जांच अधिकारी विजय नागपुरे के नेतृत्व में टीम सेक्टर-17 एचपी पेट्रोल पंप पर दोपहर 1.15 बजे पहुंची। चेकिंग अधिकारी अपने लैब वैन के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने ऑफिस के अंदर से पंप मशीन की चाभी, होलमार्क से लॉक कैन निकलवाया। इसके बाद पहली बार में पेट्रोल और दूसरी बार में डीजल की चेकिंग की गई।
समय-1.55 बजे , सेक्टर-15
इसके बाद एचपीसीएल की टीम सेक्टर-15 स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंची। वहां भी अपने तौर पर उन्होंने तेल को बाहर निकलवाकर पहले मात्रा और बाद में गुणवत्ता की चेकिंग कराई।
कैसे की चेकिंग
जांच टीम ने पहले पेट्रोल पंप मशीन से अपने 5 लीटर के सरकारी होलमार्क गैलन में पेट्रोल डलवाया। मशीन पर 5 लीटर पूरे होते ही गैलन भी पूरी तरह से भर गया। इसी तरह से पेट्रोल पंप के सभी डीजल व पेट्रोल वाले स्टोर, मशीन, डिडिटल मीटर और मशीन के अंदर मापक टीम द्वारा लगाई सील को चेक किया।
'चेकिंग बेहद जरूरी'
chandigarh petrol pump checking
- फोटो : अमर उजाला
कुछ ने कहा-फर्क दिखता है, कभी ध्यान नहीं दिए- कुछ ने कहा चेकिंग बेहद जरूरी
पेट्रोल पंप पर आए तेल ग्राहकों ने बताया कि कई बार उनके गाड़ी के माइलेज में फर्क समझ में आता है। जबकि कई बार कार के डिजिटल मार्क में फर्क आता है। लेकिन उन्होंने कभी गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि, उन्होंने माना कि रूटीन चेकिंग बेहद जरूरी है।
शहर के अलग-अलग पंप पर पेट्रोल और डीजल डलवाने के बाद गाड़ी के एवरेज में फर्क मिलता है।
चरणजीत सिंह, सेक्टर-34, टूर एंड ट्रैवेलिंग का बिजनेस
लखनऊ में स्मार्ट तरीके से तेल की चोरी, धांधली करने का नया केस नहीं। इसके लिए पंप मालिकों को भी सतर्क होना चाहिए।
विमल, सेक्टर-15
शहर के कुछ पेट्रोल पंप पर तेल डलवाते समय बार-बार रुकने की समस्या सामने आती है। हालांकि, इसकी वजह से बारे में कभी पूछताछ नहीं की।
एल्फरेडा