पंजाब के सेहत मंत्री सुरजीत ज्याणी ने अस्पताल में छापामारी की और मौके पर ही एक चिकित्सक व नर्स का तबादला कर दिया।
इतना ही नहीं वार्ड में जाकर मरीजों से बात की और जो मरीज दवाएं बाहर से खरीदकर ला रहे थे, उनको जब्त कर लिया। दवाएं बाहर से ख्ारीदे जाने पर कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए मंत्री ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
सुरजीत ज्याणी की निजी टीम पिछले तीन दिन से जालंधर के सिविल अस्पताल में हर पहलू पर नजर रख रही थी। स्कैनिंग से लेकर फार्मेसी तक पर नजर थी और मंत्री को हर लापरवाही व गोलमाल की जानकारी दे रही थी। टीम की सूचना पर ही वीरवार को सेहत मंत्री खुद अस्पताल आ पहुंचे, उनके साथ सेहत विभाग के प्रधान सचिव विकास गर्ग, डायरेक्टर किरणजीत कौर के अलावा कई उच्चाधिकारी थे।
मंत्री ने मौके पर ही इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक सुरिंदर पाल का तबादला ख्याल कलां मानसा कर दिया है, उस पर ड्यूटी में कोताही का आरोप था। एक नर्स मीरा कुमारी को भी बदलकर नकोदर भेज दिया गया है। नर्स मीरा कुमारी फार्मेसी में दवा होने के बावजूद मरीजों को बाहर दवा की दुकान पर भेज रही थी।
ज्याणी ने अस्पताल में मरीजों से बात की, जिनको कई ऐसी एंटीबायोटिक लिखी हुई थी, जो अस्पताल में उपलब्ध होने के बावजूद उनको बाहर से खरीदा गया था। इस पर ज्याणी ने कड़ी आपत्ति जाहिर की। जन औषधि केंद्र के फार्मासिस्ट भूपिंदर सिंह के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए, वह दवाईयों के अधिक रेट वसूल रहा था।
ज्याणी ने कहा कि जालंधर अस्पताल में 100 बेड बढ़ाए जा रहे हैं क्योंकि अस्पताल में मरीजों की तादाद बढ़ रही है। ज्याणी ने कहा कि पंजाब सरकार 250 नए डाक्टर भरती करने जा रही है, जिससे पंजाब में चिकित्सकों की कमी पूरी हो जाएगी।
इस दौरान ज्याणी ने अस्पताल के चिकित्सकों व अधिकारियों को हिदायत दी कि वे मरीजों के प्रति प्यार व सहानुभूति वाला रवैया अखित्यार करें ताकि उनको किसी किस्म की कोई दिक्कत न हो। चेकिंग का मुख्य मकसद भी यही है कि लोगों को इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं मिलें।