सेक्टर-82 स्थित शहर की नामी कंपनी जनता लैंड प्रमोटर लिमिटेड (जेएलपीएल) के दफ्तर में मंगलवार सुबह कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के रीजनल ऑफिस की टीम ने छापा मारा। टीम करीब चार घंटे आफिस में रुकी। इस दौरान जहां मुलाजिमों से पूछताछ की गई।
वहीं, निगम में मुलाजिमों से जुडे़ हाजिरी रजिस्ट्रर व अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए है। अधिकारियों ने बताया जांच में सामने आया कि कई मुलाजिमों को पीएफ नहीं दिया जा रहा है। जो कि नियमों के विपरीत है। उन्होंने बताया फिलहाल कंपनी का रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह मेयर की कंपनी में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पांच असिस्टेंट कमिश्नरों की अगुवाई में टीम पहुंची। अधिकारियों में परिपूर्ण नाथ, मयंक बंसल, सिद्धार्थ, तेज प्रताप यादव और रोशन कुमार शामिल थे। इसके अलावा टीम में करीब 35 अन्य मुलाजिम थे।
टीम साढ़े ग्यारह बजे ने कंपनी के सेक्टर-82 स्थित आफिस में पहुंची। इसके बाद टीम ने कंपनी के दफ्तर व साइटों में काम कर रहे मुलाजिमों से एक-एक करके पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर मुलाजिमों ने बताया कि उन्हें पीएफ नहीं दिया जा रहा है।
इसके बाद टीम ने कंपनी के एंट्री रजिस्टर व अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की जो गाइड लाइन हैं। वह कंपनी को पूरी करनी होंगी, वरना कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिक्रयोग है कि जनता लैंड प्रमोटर कंपनी नगर निगम के मेयर कुलवंत सिंह की है।
हालांकि, मेयर कुलवंत सिंह का कहना है कि मैंने अपनी कंपनी का पूरा काम कांट्रेक्ट पर दे रखा है। उन्हें इस बारे कोई जानकारी नहीं है। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि जल्द इलाके की अन्य कंपनियों पर भी छापेमारी की जाएगी।
आफिस से भगा दिए मुलाजिम
चेकिंग करने आए अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही कंपनी प्रबंधकों को छापे की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने कई मुलाजिमों को मौके से भगा दिया। जिससे उन्हें थोड़ी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मुलाजिमों ने बयान दर्ज करवाए है। इसमें उन्हें साफ कहा है कि उन्हें पीएफ नहीं दिया जा रहा है।
400 कर्मचारियों का रिकार्ड खंगाला
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की टीम ने कंपनी में काम कर रहे 400 कर्मचारियों का रिकार्ड चेक किया। अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों से पूछताछ में सामने आया कि उनका पीएफ नहीं जमा किया जा रहा है। टीम ने कंस्ट्रक्शन कंपनी का रिकार्ड जब्त कर लिया है। इनमें सूर्या कंस्ट्रक्शन, जेंडर कंस्ट्रक्शन, आरके वी कंस्ट्रक्शन, एसवीएल कंस्ट्रक्शन, ओमप्रकाश और सुरिंदर कंस्ट्रक्शन हैं।