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जबरन हस्ताक्षर लेकर संजीव महाजन समेत आरोपी कोठी ना बेचे, इसलिए दिल्ली चला गया राहुल मेहता

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चंडीगढ़। सेक्टर 37 की कोठी कब्जाने के लिए आरोपियों ने राहुल मेहता ही नहीं बल्कि उसके जानकार पर भी जुर्म किया। हैरत की बात तो यह है कि इस अमानवीय कांड में पुलिस बराबर की भागीदारी रही।
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पत्रकार संजीव महाजन केस में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट के मुताबिक, अप्रैल 2017 में संजीव महाजन और सुरजीत बाउंसर ने राहुल मेहता से जबरन कोठी के सेल एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करा लिए थे। कोठी को बिकने से बचाने के लिए राहुल मेहता दो सप्ताह बाद दिल्ली भाग गया और किसी गुप्त जगह पर रहने लगा। उसे आभास था कि आरोपियों के हाथों में पड़ गया तो कोठी नहीं बचेगी।
चार्जशीट के अनुसार, एक हफ्ते तक संजीव महाजन और सुरजीत बाउंसर राहुल मेहता को जगह जगह तलाशते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद संजीव महाजन के कहने पर सुरजीत ने सेक्टर 39 थाने में राहुल मेहता की गुमशुदगी दर्ज करा दी। हैरत की बात तो यह है कि डीडीआर पर जिस पुलिसकर्मी का नाम था, उसे इसके बारे में कुछ पता नहीं था।
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इसी बीच संजीव महाजन को पता चला कि राहुल मेहता सेक्टर 37 की एक केमिस्ट शॉप पर मरहम पट्टी करवाता था। शॉप मालिक अमित गुप्ता का राहुल का खास है, उसे राहुल के बारे में जरूर पता होगा। संजीव महाजन के कहने पर पुलिस ने अमित को थाने बुलाकर बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। उस पर दबाव डाला कि वह राहुल का पता बताए। यही नहीं, थाना प्रभारी राजदीप ने अमित को धमकी दी कि अगर वह राहुल के बारे में जानकारी नहीं देगा, तो उसे नशे के झूठे केस में फंसाकर जेल भेज देगा। बता दें, राजदीप जनवरी 2017 से ही जानता था कि राहुल मेहता की कोठी पर महाजन का कब्जा है। इसके बावजूद अमित पर अमानवीय अत्याचार किया गया। लेकिन आरोपियों को इसमें सफलता नहीं मिली। कुछ दिनों बाद राहुल चंडीगढ़ लौटा तो आरोपियों ने उससे कोठी की चाबी छीन ली। उसे नशे के इंजेक्शन देकर ब्लैंक चेक और कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए।
महाजन ने आश्रम वालों से कहा- राहुल ने बेच दी कोठी
ब्लैंक चेक और कोठी के दस्तावेज पर राहुल के हस्ताक्षर कराने के बाद सुरजीत बाउंसर उसे गुजरात में अपने एक दोस्त अब्दुल के यहां छोड़ आया। काफी दिन तक जब सुरजीत राहुल को लेने नहीं पहुंचा, तो अब्दुल ने राहुल को महाराष्ट्र के आश्रम में दाखिल करा दिया।
यहां उसका इलाज चला। ठीक होेने के बाद जब आश्रम वाले राहुल को चंडीगढ़ सेक्टर 37 स्थित उसकी कोठी पर लेकर पहुंचे तो संजीव महाजन ने कहा कि राहुल ने यह कोठी उसे बेच दी है। इसके आगे पीछे कोई नहीं है, परिवार की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद आश्रम वालों ने राहुल को ले जाकर दिल्ली के आश्रम में भर्ती करा दिया।
कोठी में सिंगला ने अपने कर्मचारियों को रखा
मई 2018 को सेक्टर 40/डी के एक एससीओ में आग लग गई थी। एससीओ के कर्मचारी सेक्टर 37 स्थित विवादित कोठी निवासी विजय ने बताया, यह दफ्तर अरविंद सिंगला का है। सेक्टर 37 की कोठी में आरोपी अरविंद सिंगला ने अपने कर्मचारियों को रखा हुआ था। डीडीआर दर्ज करने वाले पुलिसकर्मी ने जब विजय को थाने में बुलाकर बयान दर्ज कराने को कहा तो राजदीप ने मना कर दिया कि उसे बुलाने की कोई जरूरत नहीं है, अरविंद सिंगला उसका जानकार है।
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