विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर पंजाब के धार्मिक डेरे सियासी दलों के लिए महत्वपूर्ण हो गए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को डेरा ब्यास पहुंचे। राहुल और प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रात डेरे में ही बिताई। रविवार सुबह सत्संग सुना और डेरा प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों के साथ मुलाकात की।
इससे पहले इसी साल मार्च में भी राहुल ने अचानक डेरा ब्यास का दौरा किया था। तब भी वह रात को डेरे में ही रुके थे। अगले दिन सत्संग सुना था और डेरा प्रमुख से मुलाकात की थी। राहुल के दौरे को विधानसभा चुनाव के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डेरा ब्यास के समर्थकों की संख्या पंजाब में लाखों में है।
हालांकि डेरा ब्यास ने कभी भी किसी सियासी पार्टी का खुल कर समर्थन नहीं किया। बावजूद इसके राजनेता डेरा ब्यास जाते रहे हैं। यह डेरा सभी पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। यहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी यहां आ चुकी हैं। कुछ सप्ताह पहले डिप्टी सीएम सुखबीर बादल और कैबिनेट मंत्री बिक्त्रस्म मजीठिया जलालाबाद में डेरा ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों के सत्संग मे शामिल हुए थे।
चुनाव से पहले फिर महत्वपूर्ण हुए धार्मिक डेरे
rahul gandhi
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अक्तूबर के अंत में पंजाब सरकार ने परमिंदर सिंह सेखों को सीएम प्रकाश सिंह बादल का सलाहकार नियुक्त किया था, जोकि डेरा प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों की पत्नी के भाई हैं। पंजाब में चुनावों में धार्मिक डेरों का समर्थन हासिल करना हर पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।
इसी कड़ी में अकाली दल ने डेरा सचखंड से संबंधित दो लोगों को उम्मीदवार भी बनाया है। कबीर दास को नाभा और सतपाल मल को करतारपुर से टिकट दी गई है। दोनों ने ही पिछले दिनों कांग्रेस को अलविदा कहा था। वहीं, आम आदमी पार्टी के कनवीनर अरविंद केजरीवाल ने भी कुछ माह पहले डेरा बल्लां का दौरा किया था। भाजपा नेे हरियाणा में डेरा सच्चा सौदा का समर्थन प्राप्त कर विधानसभा चुनाव में सफलता हासिल की थी।
गौरतलब है कि हर बार पंजाब चुनाव में डेरा अहम भूमिका अदा करते हैं। राहुल के इस दौरे से 2017 विधानसभा चुनाव से पहले डेरा और कांग्रेस में संबंध बेहतर होंगे। बतादें, सिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के साले बिक्रम मजीठिया की पत्नी डेरा प्रमुख की रिश्तेदार हैं। फोर्टिस ग्रुप के सह-संस्थापक शिवेंद्र मोहन सिंह ने डेरा की सेवा के लिए ही अपनी जॉब छोड़ दी थी।