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Rahul Gandhi: 'मैदान संभालो...', कांग्रेसियों को 2029 के लिए संदेश दे गए राहुल, नेताओं को ये नसीहत भी दी

Mon, 26 Jan 2026 11:38 AM IST
शाहरुख खान कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

Rahul Gandhi Congress workers message for 2029 election: राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों से कहा कि भाजपा ने सत्ता के बल पर संस्थाओं को कमजोर किया है। वोटर सूची से लेकर सरकारी तंत्र तक सब पर कब्जा जमाया है। ऐसे में कांग्रेस को अब सिर्फ भाषण नहीं बल्कि हर गली-हर बूथ पर निगरानी और संघर्ष की राजनीति करनी होगी।
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Rahul Gandhi - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Rahul Gandhi 2029 election preparation: कुरुक्षेत्र में आयोजित कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर को केवल संगठनात्मक बैठक नहीं माना जा सकता है। यह शिविर साल 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी का राजनीतिक एलान और भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की बदली हुई रणनीति का ट्रेलर रहा है।
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राहुल गांधी ने मंच से जिलाध्यक्षों को जो गुर दिए उनका सीधा निशाना भाजपा सरकार, उसकी चुनावी मशीनरी और सत्ता के केंद्रीकरण पर था। राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों से कहा कि भाजपा ने सत्ता के बल पर संस्थाओं को कमजोर किया है।

वोटर सूची से लेकर सरकारी तंत्र तक सब पर कब्जा जमाया है। ऐसे में कांग्रेस को अब सिर्फ भाषण नहीं बल्कि हर गली-हर बूथ पर निगरानी और संघर्ष की राजनीति करनी होगी। यह बयान हरियाणा में वोट चोरी और फर्जी मतदाता जैसे मुद्दों को सीधे लोकसभा चुनाव से जोड़ता है।
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'प्रचार और घोषणाओं से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता'
शिविर में राहुल ने भाजपा की इवेंट आधारित राजनीति पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रचार और घोषणाओं से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को समझाया कि बेरोजगारी, महंगाई, बिजली, किसान और जमीन जैसे मुद्दे ही असली हथियार हैं।

किसानों की नाराजगी व युवाओं के पलायन का मुद्दा
हरियाणा में युवाओं का पलायन और किसानों की नाराजगी को लोकसभा चुनाव के मुद्दे बनाने का साफ संकेत उन्होंने दिया। सबसे अहम बात यह रही कि राहुल गांधी ने गुटबाजी पर खुला वार किया। 

'जो नेता खुद को पार्टी से बड़ा समझते हैं उनके पीछे...'
उन्होंने दो टूक कहा कि जो नेता खुद को पार्टी से बड़ा समझते हैं उनके पीछे चक्कर काटते रहने की जरूरत नहीं है। जिलाध्यक्षों को साफ संदेश मिला कि टिकट, सिफारिश और गुटबाजी की राजनीति अब नहीं चलेगी। 


 

लोकसभा चुनाव में जिलाध्यक्षों को मैदान का सेनापति बनाकर उतारने की रणनीति यहीं तय होती दिखी। राहुल ने उन्हें सेनापति बताते हुए निडर होकर बिना किसी के दबाव में आए काम करने की छूट दी।
 

राहुल ने जिलाध्यक्षों व नेताओं को राजनीति का दिया प्रशिक्षण
भाजपा के लिए यह शिविर इसलिए भी चुनौती है क्योंकि राहुल गांधी ने डाटा, मतदाता सूची और बूथ प्रबंधन को चुनावी हथियार बनाने की बात कही है। यह भाजपा की मजबूत संगठनात्मक बढ़त को सीधी टक्कर देने का एलान माना जा रहा है। 

 
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राहुल ने आगामी चुनाव में मजबूती से उतरने की दिशा में जिलाध्यक्षों व वरिष्ठ नेताओं को राजनीति का प्रशिक्षण दिया है हालांकि बड़ा सवाल यही है कि क्या हरियाणा कांग्रेस इस संदेश को जमीन पर उतार पाएगी? अगर जिलाध्यक्षों को अधिकार और स्वतंत्रता मिली तो कुरुक्षेत्र का यह शिविर लोकसभा चुनाव के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है।
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