हरियाणा के कांग्रेसी नेताओं ने राहुल गांधी के समक्ष हुंकार भरते हुए कहा कि प्रदेश में वह किसानों की आवाज को बुलंद करेंगे उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। सभी नेता भी अनाज मंडी में राहुल गांधी के मंच पर मौजूद थे। वहीं अपने संबोधनों में इन कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र सरकार पर दबाव बनाते हुए इन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
'राहुल गांधी ने किसान, गरीब की पीड़ा को समझा है और इस सरकार ने जो जनविरोधी नीतियां बनाई हैं, उनके खिलाफ आवाज बुलंद की है। आज देश की अन्य विपक्षी पार्टियों में इतनी हिम्मत नहीं है कि वो मोदी की गलत नीतियों का विरोध करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ राहुल गांधी ही अकेले व्यक्ति हैं जो पूरी मजबूती से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इस सरकार ने हरियाणा-पंजाब सीमा पर राहुल गांधी की यात्रा को रोककर फिर एक घिनौनी हरकत की है। पहले हाथरस में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को जाने से रोका गया और उनके साथ बदसलूकी की गई थी।
' - कुमारी सैलजा, अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी
'तीन नए कृषि कानूनों के कारण आज किसान संकट में है। कांग्रेस मांग करती है कि सरकार केंद्र सरकार चौथा कृषि कानून भी लेकर आए जिसके तहत कोई भी व्यक्ति, पूंजीपति किसान की फसल को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से कम में नहीं खरीदेगा। यदि कोई किसान की फसल एमएसपी से कम खरीदेगा तो उसके लिए सजा का प्रावधान होना चाहिए। आज किसानों को उनकी फसल का एमएसपी नहीं मिल पा रहा है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाई गई यह आवाज दबने वाली नहीं है। मैं राहुल गांधी जी को विश्वास दिलाता हूं कि आप जो इस यात्रा के लिए हरियाणा प्रदेश आए हो, हम इस संघर्ष में हर स्तर पर उनके साथ है।
- भूपेंद्र सिंह हुड्डा, नेता प्रतिपक्ष एचं पूर्व मुख्यमंत्री
राहुल गांधी के नेतृत्व में आज हरियाणा का किसान, मजदूर, दुकानदार सभी एकजुट होकर कांग्रेस के साथ कंधा मिलाकर चल रहा है। हरियाणा में सभी वर्ग के हितों की लड़ाई कांग्रेस ने हमेशा लड़ी है और अब किसान, मजदूर और दुकानदार के आंदोलन में भी कांग्रेस उनके साथ है। राहुल गांधी के निर्देशों पर कृषि कानून के खिलाफ किसानों के बीच जाकर जनमत तैयार किया जाएगा ताकि इन कृषि कानून में बदलाव के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सकें।
- किरण चौधरी, विधायक एवं पूर्वमंत्री
कृषि कानून के विरोध में राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू आंदोलन को प्रदेश में प्रभावशाली बनाया जाएगा। हमारी कोशिश रहेंगी कि आंदोलन का दबाव इस कदर असर दिखाए कि सरकार को इस काले कानून को वापस लेना पड़े। प्रदेश की गठबंधन की सरकार प्रदेश के किसानों के लिए एक आपदा के समान है। न तो प्रदेश सरकार को किसान वर्ग के हितों की चिंता है और न ही खेती को बचाने की। किसान विरोधी नीतियों को जबरन किसानों पर थोपा जा रहा है।
- कुलदीप बिश्नोई, विधायक, कांग्रेस