पुलिस कार्रवाई में प्रदर्शनकारियों को मारने, नकारा करार देने या गिरफ्तार करने की घटनाओं का हवाला देते हुए कैप्टन ने कहा कि प्रदर्शन करना प्रत्येक भारतीय नागरिक का लोकतांत्रिक हक है, लेकिन सरकार नागरिकों के साथ ऐसा कठोर व्यवहार कर रही है जैसे वह आतंकवादी या गैंगस्टर हों।
लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई राज्य सरकार की तरफ से ऐसा करना विशेष समुदाय के विरुद्ध बदले की कार्रवाई को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी हुई सरकार के नेता होने के नाते अमन-कानून की व्यवस्था कायम रखना हमारी ड्यूटी बनती है, परंतु संविधान हमें प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए ज्यादतियां करने की इजाजत नहीं देता।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘‘मेरठ जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रोकने के यूपी सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना करता हूं, जिन्होंने सीएए के पीड़ितों के पारिवारिक सदस्यों को मिलने के लिए जाना था। इस समय भारत को हमदर्दी के एहसास की जरूरत है न कि विरोधी पार्टियों पर ऐसी रोक लगाने की।’’