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राहुल-प्रियंका मेरठ विवाद, कैप्टन बोले- यूपी सरकार प्रदर्शनकारियों से कर रही कठोर बर्ताव

Wed, 25 Dec 2019 10:03 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को मेरठ जाने से रोकने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यूपी की योगी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के पीड़ितों के परिवारों को मिलने के लिए जाते हुए मेरठ में रोके जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की।
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मुख्यमंत्री ने नागरिकों और विरोधी पक्ष पर बंदिशें लगाने के लिए यूपी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मेरठ में रोष प्रदर्शन करने के लिए नहीं जा रहे थे, बल्कि उन्हें पुलिस ज्यादतियों में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ दुख साझा करना था। रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेसी नेताओं ने तीन के ग्रुप में जाने की भी पेशकश की, लेकिन उन्हें मेरठ में प्रवेश करने से रोक दिया गया।

यूपी सरकार से संयम बरतने की अपील की

पुलिस कार्रवाई में प्रदर्शनकारियों को मारने, नकारा करार देने या गिरफ्तार करने की घटनाओं का हवाला देते हुए कैप्टन ने कहा कि प्रदर्शन करना प्रत्येक भारतीय नागरिक का लोकतांत्रिक हक है, लेकिन सरकार नागरिकों के साथ ऐसा कठोर व्यवहार कर रही है जैसे वह आतंकवादी या गैंगस्टर हों।

लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई राज्य सरकार की तरफ से ऐसा करना विशेष समुदाय के विरुद्ध बदले की कार्रवाई को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी हुई सरकार के नेता होने के नाते अमन-कानून की व्यवस्था कायम रखना हमारी ड्यूटी बनती है, परंतु संविधान हमें प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए ज्यादतियां करने की इजाजत नहीं देता।
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कैप्टन ने किया ट्वीट

मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘‘मेरठ जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रोकने के यूपी सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना करता हूं, जिन्होंने सीएए के पीड़ितों के पारिवारिक सदस्यों को मिलने के लिए जाना था। इस समय भारत को हमदर्दी के एहसास की जरूरत है न कि विरोधी पार्टियों पर ऐसी रोक लगाने की।’’
 
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