रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) के ऑनलाइन सिस्टम संबंधित आ रही शिकायतों का निपटान कर सर्विसेज को स्ट्रीमलाइन करना होगा। रोजाना लगने वाली लंबी-लंबी लाइनों को कम करना होगा। आरएलए में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम डेवलप करना होगा।
इसके लिए सॉफ्टवेयर में जो भी बदलाव करना पड़े वह किया जाए। डीसी अजीत बालाजी जोशी ने आरएलए के अधिकारियों को ऐसे आदेश जारी किए हैं। बुधवार को उन्होंने इसके संबंध में आरएलए के अधिकारियों की मीटिंग भी बुलाई थी। इसमें उनसे जानकारी लेकर जरूरी आदेश भी दिए थे।
आरएलए का ऑनलाइन सिस्टम सॉफ्टवेयर में खराबी की वजह लोगों को काफी परेशान कर रहा है। सारथी सॉफ्टवेयर का अपग्रेड वर्जन पहले से भी धीमा चल रहा है। इस कारण पहले की तरह ही लोगों को काफी समय तक लाइनों में लगना पड़ता है। कई कारणों से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। इस कारण लोगों को तुरंत सेवा उपलब्ध करवाने के लिए शुरू किए गए एक्सप्रेस काउंटर भी बंद करने पड़ गए। इसके अलावा अप्वाइंटमेंट सिस्टम भी कारगर सिद्ध नहीं हो पाया।
इन सभी दिक्कतों से लोगों के कई-कई घंटे आरएलए में ही खप रहे हैं। इन सब दिक्कतों का हल निकालने के आदेश डीसी अजीत बालाजी जोशी ने जारी किए हैं। बताया जा रहा है कि आरएलए सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के लिए फिर से काफी पैसे खर्च करेगा।
एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट भी होगा अपग्रेड
एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट को भी अपग्रेड किया जाएगा। ऑनलाइन वैट जमा कराने की सर्विस को सुलभ बनाया जाएगा। इसके अलावा ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे ट्रेडर्स का कम से कम समय डिपार्टमेंट के कार्यों में खर्च हो। मीटिंग में एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों को भी सर्विस बेहतर कर चीजों को स्ट्रीमलाइन करने के आदेश दिए गए।