चंडीगढ़। पीजीआई में रैगिंग का मामला सामने आया है। इसे लेकर फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने पीजीआई प्रशासन से कमेटी गठित कर मामले की जांच की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रथा बोरा ने बताया कि पीजीआई एमसीएच न्यूरो सर्जरी प्रथम वर्ष के रेजिडेंट ने लिखित शिकायत की है कि पीजीआई में ज्वाइन करने के बाद उसके साथ सीनियरों ने रैगिंग की। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए उसके क्षेत्र का ताना मार कर उसे जलील किया गया। इसलिए उसने तनाव में आकर अंतत: पढ़ाई छोड़ना उचित समझा और घर लौट गया।
डॉक्टर प्रथा का कहना है कि ठीक इसी तरह का एक और मामला भी सामने आया है, लेकिन उस मामले में हमें कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। रैगिंग का आरोप लगाने वाले डॉक्टर ने शिकायत में यह भी बताया है कि उसने इस संदर्भ में पीजीआई प्रशासन से भी मदद मांगी थी, लेकिन उसे विभागीय मामला होने का हवाला देकर लौटा दिया गया। इसलिए उसने हार कर पीजीआई छोड़ने का निर्णय लिया। डॉ. प्रथा का कहना है कि अगर मामले में जरा भी सच्चाई है तो उसकी कमेटी गठित कर निष्पक्ष रूप से जांच कराई जानी चाहिए जिससे हकीकत सामने आए।
कोट-
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का पत्र मिला है। मामले की जांच कराई जाएगी।
-प्रो जगतराम, पीजीआई निदेशक