मगर पाबंदी के बावजूद भी अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के पश्चिमी छोर पर बसी कालोनियों के लोग राफेल का दीदार करने अपनी छतों पर चढ़ गए। इसके अलावा पश्चिमी छोर पर अचानक बड़े परिंदों की आवाजाही भी आसमान में देखी गई। इसके साथ-साथ एयरफोर्स स्टेशन के बिल्कुल साथ सटे नेशनल हाईवे नंबर एक पर भी अचानक राफेल को देखने वाले लोगों ने अपने वाहन रोक कर जाम लगा दिया।
बहुत से लोग तो वाहनों के ऊपर खड़े होकर एयरफोर्स स्टेशन के भीतर झांकने का प्रयास करने लगे। इन्हीं हालातों को देखते हुए राफेल की लैंडिंग डायरेक्शन को बदलकर पश्चिम की बजाय पूर्वी छोर कर दिया गया। जबकि इससे पहले चीफ ऑफ एयर स्टाफ स्पेशल विमान भी पश्चिमी छोर से उतरा था।
इसलिए महफूज है अंबाला एयरफोर्स का पूर्वी छोर
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन अपने पूर्वी छोर को ज्यादा महफूज मानता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि इस पूर्वी छोर के बहुत बड़े हिस्से में अंबाला आर्मी बेस कैंप बना हुआ है। इसलिए एयरफोर्स इस बात से काफी आश्वस्त थी कि यदि राफेल विमानों की लैंडिंग पूर्वी छोर से करवाई जाए तो ज्यादा सुरक्षित रह सकती है। इस छोर पर मौजूद आर्मी बेस कैंप में आवाजाही भी सिविल इलाके की अपेक्षाकृत कम और पाबंदी पूर्ण रहती है। बुधवार को चूंकि राफेल को आना था। इसलिए आर्मी इलाके में कई सड़कों को आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था।