पांच राफेल फाइटर विमान सोमवार सुबह डसॉल्ट एविएशन फैसिलिटी, मेरिग्नैक, फ्रांस से उड़ान भर चुके हैं। इन पांचों में तीन सिंगल सीटर और दो ट्विन सीटर विमान शामिल हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 29 जुलाई को इन पांचों राफेल विमानों ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के एयरबेस पर लैंड करना है। मौसम तय करेगा अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर 29 जुलाई को राफेल की लैंडिंग होगी या नहीं।
अंबाला में खराब मौसम की संभावनाओं को लेकर इंडियन एयरफोर्स पूरी तरह संशय में है। मौसम विभाग के अनुसार 29 जुलाई को अंबाला के अधिकतर इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ-साथ जबरदस्त मेघ गर्जना के साथ आंधी और तूफान की भी संभावनाएं जताई जा रही हैं। ऐसे में अंबाला एयरबेस पर राफेल विमानों की लैंडिंग टाली जा सकती है।
सूत्रों ने बताया कि इसके लिए दूसरा विकल्प एयर फोर्स जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन को भी चुन सकती है। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर भी राफेल विमानों के हैंगर तैयार किए गए हैं, क्योंकि अंबाला से पहले राफेल विमानों की स्क्वाड्रन जोधपुर में ही तैयार की जानी थी। मगर पश्चिमी मोर्चों पर चल रही मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए इस स्क्वाड्रन को अंबाला में शिफ्ट किया गया।
सादा रहेगा राफेल का स्वागत
अंबाला में राफेल का स्वागत सादा रहेगा। एयरफोर्स अथॉरिटी ने चीन के साथ चल रही तल्खी और महामारी के इस दौर में राफेल की इंडक्शन सेरेमनी को टाल दिया है। इस दौरान किसी प्रकार का कोई बड़ा समारोह नहीं होगा। सूत्रों ने बताया कि अंबाला एयर बेस पर लैंडिंग के बाद राफेल विमान अपने अगले ऑपरेशन की तैयारियों में जुट जाएंगे। एक अफसर ने बताया इस दौरान राफेल को लेकर आने वाले सभी पायलटों और ग्राउंड क्रू को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह लैंडिंग के बाद अपना सिर नीचे रखते हुए जल्द से जल्द समग्र वायुसेना के संचालन के साथ एकीकृत हो जाएं। सूत्रों के मौजूदा परिस्थितियां कुछ गंभीर चल रही हैं। इसलिए ऐसे निर्देश दिए गए हैं।