चंडीगढ़। मनीमाजरा सिविल अस्पताल में डेढ़ महीने से अल्ट्रासाउंड बंद है। ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बाहर से जांच कराने के लिए कहा जा रहा है। मरीज परेशान है और अधिकारी समस्या दूर करने का सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल में तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट ने बीते 3 अक्तूबर को नौकरी छोड़ दी है। इसके बाद अल्ट्रासाउंड यूनिट के बाहर सूचना चस्पा कर दी गई कि डॉक्टर नवंबर तक छुट्टी पर रहेंगे। वहीं अस्पताल प्रशासन खाली पद को भरने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा है। जांच की सुविधा बंद होने से लाखों की आबादी वाले क्षेत्र के हजारों मरीज प्रतिदिन प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें सरकारी अस्पताल में उपलब्ध निशुल्क सुविधा को प्राप्त करने के लिए निजी सेंटरों में सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। मरीजों के परिजनों का कहना है कि अधिकारियों की अनदेखी के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक तरफ तो डॉक्टर की कमी का रोना रोया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ कुछ महीने पहले ही स्वास्थ्य विभाग में डेपुटेशन पर पंजाब और हरियाणा से 68 डॉक्टर बुलाए हैं।
केस- 1
इंद्रा नगर कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय दीपा मेहता को गर्भावस्था के दौरान परेशानी हुई तो वह मनीमाजरा के सिविल अस्पताल पहुंची। इमरजेंसी में देखते ही डॉक्टर ने तत्काल अल्ट्रासाउंड कराने को कहा, लेकिन अल्ट्रासाउंड यूनिट पहुंचने पता चला की अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। उन्हें बाहर से जांच करानी होगी। दीपा के पति उसे फौरन निजी डायग्नोस्टिक सेंटर लेकर गए, फिर जाकर अल्ट्रासाउंड हुआ।
केस- 2
मनीमाजरा निवासी विकास शर्मा को सोमवार को अचानक पेट में दर्द हुआ तो मनीमाजरा सिविल अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड और कुछ जरूरी खून की जांच कराने का निर्देश दिया, लेकिन विकास को भी निजी सेंटर में पैसे खर्च कर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ा।
बॉक्स
27 वर्षों से खाली पड़े हैं 91 पद
बता दें चंडीगढ़ में डॉक्टरों के लगभग 91 पद 27 वर्षों से खाली पड़े हैं। प्रशासन उसे भरने में असफल होने के कारण डेपुटेशन के सहारे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए लगातार नई नियुक्ति के लिए विज्ञापन भी जारी किए जा रहे हैं लेकिन उन पदों पर तैनाती के लिए विशेषज्ञ नहीं मिल रहे। इस वजह से यूटी प्रशासन ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से डेपुटेशन पर डॉक्टर बुलाए गए हैं।
इनसेट-
कुछ महीने पहले चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर बुलाए गए 69 डॉक्टरों में एमबीबीएस के साथ कई विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इनमें पैथोलॉजिस्ट, सर्जन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, प्लास्टिक सर्जन, बेहोशी के डॉक्टर, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ डेंटल सर्जन शामिल हैं।
इनसेट-
विभाग की अनदेखी, जनता परेशान
स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं समझ से परे है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और उपकरण की कमी मरीजों को बेहतर इलाज देने में रोड़ा बन रहे हैं। इसके बावजूद इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। विभाग की अनदेखी का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं
-सुभाष दीवान, मनीमाजरा
यह बेहद ही शर्मनाक है
मनीमाजरा जैसी घनी आबादी वाले क्षेत्र में सिविल अस्पताल को इस तरह से नजरअंदाज करना निराशाजनक है। जबकि स्वास्थ्य विभाग यह भली भांति जानता है कि वहां पर प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज कराने आते हैं। ऐसे में अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच की सुविधा डेढ़ महीने से बंद होना बेहद ही शर्मनाक है।
-श्याम सुंदर, इंद्रानगर
कोट
मनीमाजरा में रेडियोलॉजिस्ट के खाली पद को भरने के लिए प्रक्रिया की जा रही है। विज्ञापन जारी किया जा चुका है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
-डॉ. वीके नागपाल, प्रभारी स्वास्थ्य निदेशक