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वित्त सचिव पद की दौड़ में सर्वजीत सिंह आगे

Sat, 16 Nov 2013 01:41 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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यूटी के अगले वित्त सचिव के लिए लबे समय से चल रही लॉबिंग में पंजाब के 1992 बैच के आईएएस सर्वजीत सिंह आगे निकल गए हैं।
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वित्त सचिव पद के लिए पंजाब सरकार से आए तीन आईएएस ऑफिसरों के पैनल में से चंडीगढ़ प्रशासन ने वरिष्ठता के आधार पर 1990 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग अग्रवाल का नाम प्रस्तावित कर केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को भेजा था।

इस पद के लिए नई दिल्ली में कुछ समय से चल रही लॉबिंग में अग्रवाल से आगे सर्वजीत सिंह निकल गए हैं। हालांकि एमएचए ने अभी किसी का नाम भी क्लीयर नहीं किया है।
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सूत्रों का कहना है कि सर्वजीत सिंह एमएचए में एक वरिष्ठ अधिकारी के काफी करीबी हैं। मौजूदा वित्त सचिव का तीन साल का कार्यकाल 13 जनवरी को खत्म हो रहा है।

वित्त सचिव पद के साथ-साथ चंडीगढ़ में एसएसपी के पद के लिए भी आईपीएस अधिकारियों ने लॉबिंग की थी। इस पद के लिए डॉ. सुखचैन सिंह गिल का नाम लगभग फाइनल हो गया है।

चंडीगढ़ के वित्त सचिव के पद के लिए पंजाब के पांच आईएएस अधिकारियों ने रुचि दिखाई थी। पंजाब के जिन पांच आईएएस अधिकारियों ने वित्त सचिव पद के लिए इच्छा जताई थी उनमें 1993 बैच के अनुराग वर्मा, 1992 बैच के जसपाल सिंह, 1991 बैच के सुच्चा राम लद्धड़, इसी बैच की सीमा जैन और 1990 बैच के अनुराग अग्रवाल शामिल थे।

बाद में जब पंजाब ने तीन आईएएस अधिकारियों का पैनल चंडीगढ़ प्रशासन को भेजा उनमें अनुराग अग्रवाल के अलावा 1992 बैच के सर्वजीत सिंह और 1995 बैच के हस्न लाल शामिल थे।


पहले कोई नहीं आना चाहता था
चंडीगढ़ के वित्त सचिव के पद पर कुछ साल पहले कोई नहीं आना चाहता था। इसकी वजह इस पद पर नियुक्ति अधिकारी का किसी न किसी विवाद में उलझना था।

पूर्व वित्त सचिव संजय कुमार विवादों में घिरे थे। मौजूदा वित्त सचिव वीके सिंह के तीन साल के कार्यकाल में उनको लेकर कोई विवाद नहीं हुआ। इससे पंजाब के अधिकारियों की दिलचस्पी इस पद के लिए बढ़ गई।

नहीं रिलीव होंगे तिलक राज
चंडीगढ़ प्रशासन एचसीएस ऑफिसर, चंडीगढ़ के भूमि अधिग्रहण अधिकारी और ज्वाइंट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर तिलक राज को फिलहाल रिलीव नहीं करेगा।

चुनाव आयोग ने चंडीगढ़ प्रशासन को पत्र भेजकर तिलक राज को रिलीव न करने को कहा है। मतदाता सूची में संशोधन का काम चल रहा है। इसके चलते आयोग ने उन्हें रिलीव न करने को कहा है।
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तिलक राज का तीन साल का कार्यकाल खत्म हो चुका है और वे एक्सटेंशन पर चल रहे हैं। प्रशासन ने तिलक राज को रिलीव करने के लिए छह एचसीएस अधिकारियों का पैनल भी मंगवा लिया था।
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