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रैबीज का इंजेक्शन लगवाना तो सीरिंज साथ में लाना, अस्पताल में सीरिंज खत्म

Wed, 26 Apr 2017 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कुत्ते के काटने के बाद ईलाज के ‌अस्पताल में मरीज - फोटो : अमर उजाला
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 रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए यदि आप शहर की डाग बाइट क्लीनिक में जा रहे हैं तो बाजार से सीरिंज जरूर खरीद लें, क्योंकि क्लीनिक में सीरिंज नहीं है। बीते तीन माह से ऐसे ही हालात बने हुए हैं। अधिकारियों को इस बारे में कोई खबर नहीं है। पिछले दिनों रैबीज संक्रमित कुत्ते के काटने से घायल लोग जब मंगलवार को वैक्सीन का डोज लगवाने पहुंचे तो उन्हें पहले सीरिंज लाने को कहा गया। इससे लोग गुस्से में आ गए। उनका कहना था कि वे पहले से ही परेशान हैं और यहां आकर उनसे कहा जा रहा है कि पहले सीरिंज लेकर आएं।
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नई वैक्सीन के बाद से नहीं है सीरिंज
पिछले साल दिसंबर में नई एंटी रैबीज वैक्सीन इंट्रा-डरमल लांच की गई थी। इसके लिए विशेष तौर पर इंसुलिन सीरिंज इस्तेमाल की जाती है। इससे पहले इंट्रा मस्कुलर वैक्सीन लगती थी, उसमें सामान्य सीरिंज का इस्तेमाल होता थी। इंटर-डरमल वैक्सीन स्किन में लगाई जाती है, जो पहले के मुकाबले सस्ती है और डोज भी कम लगती है। पहले पांच डोज लगते थे, लेकिन अब चार डोज। इंट्रा मस्कुलर में 550 रुपये लगते थे, जबकि इंट्रा डरमल ट्रीटमेंट 450 रुपये।

30 हजार में खरीदा सीरम 
पीड़ितों ने बताया कि सेक्टर 16 अस्पताल में ह्यूमन सीरम भी नहीं मिला। पीड़ित 83 वर्षीय बीआर चोपड़ा ने बताया कि वे काफी बीमार हैं। उन्हें डायबिटीज है। उन्हें ह्यमन सीरम लगना था, लेकिन अस्पताल में न होने के कारण बाजार से 30 हजार रुपये में खरीदना पड़ा। डिस्पेंसरी में इक्वाइन रैबीज इम्यूनोग्लोबिन ह्यूमन लगता है। जिनमें इक्वाइन रैबीज इम्यूनोग्लोबिन रिएक्शन करता है, उनमें रैबीज इम्यूनोग्लोबिन ह्यूमन लगाया जाता है।
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डरे और घबराए हुए हैं पीड़ित

तीन महीने से नहीं है सीरिंज
जब से पीड़ितों को पता चला है कि काटने वाले कुत्ते को रैबीज हुआ था। तब से परिजनों के होश उड़े हैं। बीआर चोपड़ा के पैर में तो सूजन तक आ गई है। एक अन्य पीड़ित रिक्शा चालक को तो रात में नींद नहीं आ रही है। क्यों कि वे बाहर सोते हैं। कुत्ते ने उन्हें रात में ही काटा था। एक अन्य पीड़ित त्रिपन दीप ने बताया कि उन्हें भी चिंता सताने लगी है कि कहीं उनके साथ भी कुछ न हो। जहां पर कुत्ते ने काटा था, उस जगह नीला पड़ गया है।

रैबीज क्लीनिक में सीरिंज के बारे में पता नहीं। इस बारे में मेडिकल सुपरीटेंडेंट अच्छी तरह से बता सकते हैं।
डा. राकेश कश्यप, डीएचएस, चंडीगढ़

ऐसा नहीं हो सकता। इस बारे में पता करवाती हूं। यदि ऐसा है तो जल्द से जल्द सीरिंज उपलब्ध करवाती हूं।
डा. वंदना गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट चंडीगढ़
 
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