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सुषमा के ट्वीट पर एक्शन में कैप्टन, फर्जी ट्रैवल एजेंटों पर शिकंजा कसने के आदेश

Tue, 07 Nov 2017 09:11 AM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुषमा के ट्वीट पर एक्शन में कैप्टन
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केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को ट्वीट करके कैप्टन अमरिंदर सिंह को फर्जी और धोखेबाज ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। इसके अगले ही दिन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी एक्शन में आ गए और उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक को आदेश जारी कर ऐसे एजेंटों पर शिकंजा कसने को कहा है। कैप्टन ने सोमवार को ट्वीट के जरिए ही केंद्रीय विदेश मंत्री को भरोसा जताते हुए यह जानकारी दी है।
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खास बात यह है कि पंजाब से ट्रैवल एजेंटों द्वारा धोखे का शिकार होकर विदेश में फंस जाने वाले ज्यादातर पंजाबी सोशल मीडिया के जरिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के गुहार लगाते रहे हैं। जवाब में सुषमा की ओर से राजनयिक स्तर पर कार्रवाई भी होती है। ताजा मामला खाड़ी में बंधक बनाई गई एक पंजाबी महिला का रहा। लेकिन इस बार सुषमा स्वराज ने ट्विटर का इस्तेमाल पंजाब के मुख्यमंत्री के लिए किया। 

इधर, मुख्यमंत्री द्वारा आदेश जारी होने के बाद पंजाब पुलिस ने सूबे में ट्रैवल एजेंटों का रिकार्ड खंगालने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ट्रैवल एजेंटों द्वारा नियमावली पर कितना अमल किया जा रहा है, जल्द ही इसकी समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही जिन ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ पुलिस थानों में मामले दर्ज है, उन पर तुरंत कार्रवाई करने के आदेश अगले एक-दो दिन में जारी कर दिए जाएंगे।
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पैसा ही नहीं लूटते, दूसरे देशों में छोड़ आते हैं ट्रैवल एजेंट

सुषमा के ट्वीट पर एक्शन में कैप्टन
उल्लेखनीय है कि सूबे में हर जिले में पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों की लिस्ट डीसी आफिस के बाहर चिपकाने का फैसला काफी पहले लागू किया गया था। 22 जून, 2017 को भारतीय विदेश मंत्रालय से पंजीकृत ट्रैवल एजेंटों की संख्या चंडीगढ़ समेत पंजाब भर में केवल 50 है। इनमें से भी कई एजेंटों का पंजीकरण रद्द किया जा चुका है।

पैसा ही नहीं लूटते, दूसरे देशों में छोड़ आते हैं ट्रैवल एजेंट
पंजाबियों की हर कीमत पर विदेश जाने की लालसा ने सूबे में फर्जी ट्रैवल एजेंटों को जन्म दिया है। ऐसे एजेंट लोगों को झांसा देकर न केवल मोटा पैसा ऐंठते हैं, बल्कि अनेक बार तो कम पढ़े-लिखे या अनपढ़ व्यक्ति को तो किसी दूसरे देश में छोड़ आते हैं। ताजा मामला नवांशहर की गुरबख्श कौर और उनकी बेटी का है, जो मलेशिया जाना चाहती थी लेकिन ट्रैवल एजेंट ने धोखे से दोनों को खाड़ी देश पहुंचाकर बेच दिया।

विदेश मंत्री के प्रयासों से गुरबख्श कौर को तो भारत लाया गया है लेकिन उसकी बेटी का अब तक पता नहीं चला है। ट्रैवल एजेंटों के धोखे का शिकार सैकड़ों भारतीय कनाडा, अमेरिका और यूरोपीय देशों की जेलों में सजा काट रहे हैं। वर्ष 2016 की एक रिपोर्ट के अनुसार, अवैध तरीके से अमेरिका में घुसे 920 भारतीय जेलों में सजा काट रहे हैं, जिनमें 32 पंजाबी हैं।
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