पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान पीसीए ने उठाए सवाल और कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पीसीए ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत बीसीसीआई से जुड़े मसले कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेर्टस ही सुन सकती है। ऐसे में हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकती है। हाईकोर्ट ने फिलहाल इस आदेश के अध्ययन के लिए सुनवाई स्थगित कर दी है।
पीसीए की ओर से कहा गया कि जहां तक चुनावों का मामला है तो पीसीए के चुनाव सीओए द्वारा तय दिशा-निर्देश के तहत ही होंगे। सुनवाई के दौरान पीसीए के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उनको विश्वास में लिए बिना ही पीसीए ने चुनाव घोषित कर दिए थे। इस पर पीसीए के वकील ने कहा कि इसको लेकर कुछ गलतफहमी हो गई थी जो अब दूर हो गई है।
पीसीए जल्द ही अध्यक्ष के साथ बैठक कर चुनाव की नई तारीख तय कर देगा। हाईकोर्ट इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है या नहीं इसपर अब 17 सितंबर को बहस होगी। पूर्व प्लेयर्स एसोसिएशन की ओर से इस चुनाव के खिलाफ याचिका दाखिल कर बताया गया कि उन्हें समाचार पत्र में प्रकाशित नोटिस से पता चला कि पीसीए के पदाधिकारियों के 8 सितंबर को चुनाव होने जा रहे हैं।
यह नोटिस जिसके नाम से प्रकाशित हुआ था वह खुद को इन चुनावों का एलेक्टोरल ऑफिसर बता रहा हैं जबकि 18 अगस्त की बैठक में चुनाव को लेकर कोई निर्णय ही नहीं लिया गया था। न ही चुनाव इस बैठक में एजेंडा था। हाईकोर्ट ने याचिका पर पीसीएस सहित पंजाब सरकार और अन्य प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया था।