चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) की जनरल बॉडी मीटिंग में शुक्रवार को शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। यूआईसीईटी ऑडिटोरियम में आयोजित बैठक में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने और सीएएस के तहत लंबित प्रमोशन मामलों को जल्द निपटाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
बैठक में बताया गया कि रिटायरमेंट आयु बढ़ाने के मामले पर केंद्र सरकार स्तर पर गठित कमेटी काम कर रही है, जबकि इस मुद्दे पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 29 जुलाई 2026 को निर्धारित है। पुटा अध्यक्ष प्रो. अमरजीत सिंह नौरा ने कहा कि ओपीएस बहाली को लेकर लगातार आंदोलन और प्रतिनिधित्व किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 से 2012 के बीच भर्ती कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने पर विचार चल रहा है।
बैठक में शिक्षकों के प्रमोशन मामलों को लेकर पिछले तीन वर्षों में करीब 500 केस निपटाने को बड़ी उपलब्धि बताया गया। साथ ही प्रोफेसरों को सीनियर प्रोफेसर बनाने और असिस्टेंट लाइब्रेरियन व प्रोग्रामर्स की लंबित प्रमोशन प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग दोहराई गई।
इसके अलावा शिक्षकों और कर्मचारियों के बच्चों के लिए विभिन्न विभागों में सुपरन्यूमेरी सीटें बढ़ाने, लैब उपकरणों की मरम्मत के लिए अलग बजट जारी करने और 2016 पे-स्लैब के आधार पर हाउस अलॉटमेंट नियमों में संशोधन की जानकारी भी साझा की गई। बैठक में सेक्टर-14 और 25 स्थित मकानों की मरम्मत, सीवरेज सफाई और पार्किंग सुधार कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की गई। कैंपस में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, गारबेज कलेक्शन सिस्टम सुधारने और गेस्ट फैकल्टी नियुक्ति प्रक्रिया सरल बनाने की मांग भी उठी। पुटा ने पीएचडी इंक्रीमेंट और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने वाले शिक्षकों को अर्जित अवकाश देने की मांग भी दोहराई।