फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑफलाइन होगा पुटा चुनाव, 629 शिक्षक दो दिन में बारी-बारी से डालेंगे वोट

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिशन (पुटा) के चुनाव ऑफलाइन होंगे। इसके बारे में सभी उम्मीदवारों को बता दिया गया है। इससे पीयू के आधे से अधिक शिक्षकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि कोरोना के बीच में ऑफलाइन चुनाव कराना गलत है। कहा कि ऐसा हुआ तो सभी को कोरोना से लड़ने के लिए भी तैयार रहना होगा। एक मतपत्र कई हाथों से होकर गुजरेगा। साथ ही पेन भी एक ही होता है जिससे टिक लगाने होते हैं। ऐसे में क्या सभी मतपत्र को पहले और बाद में सैनिटाइज किया जाएगा और सभी शिक्षकों को पेन मुहैया होंगे। यह सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन

पुटा चुनाव में इस बार 629 शिक्षक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसका खाका चुुनाव अधिकारी तैयार करने में जुटे हैं। पीयू के म्यूजियम हाल में चुनाव करवाया जाएगा क्योंकि वह सबसे बड़ा है। चुनाव करवाने के लिए 25 से अधिक लोगों की टीम लगेेगी। उनके बीच सामाजिक दूरी का पालन करवाना होगा। चुनाव होने के बाद सभी मतपेटियां खुलेंगी। मतपत्रों को अलग-अलग किया जाएगा। यानी एक पेटी में सैकड़ों मतपत्र होंगे जो सैकड़ों शिक्षकों के हाथों से होकर आए हैं। उन मतपत्र की गिनती होने से संक्रमण का खतरा भी होगा। शिक्षकों ने सवाल खड़े किए हैं कि पुटा चुनाव के लिए ऑफलाइन तरीका क्यों चुना गया। यह ऑनलाइन भी हो सकते थे।
इस चुनाव से होगा दोहरा लाभ
सीनेट के चुनाव स्थगित कर दिए गए थे। उसके बाद बारी पुटा चुनाव की आ गई। सूत्रों का कहना है कि पुटा चुनाव यदि ऑफलाइन व सुरक्षित तरीके से हो गया तो उसके बाद दबाव सीनेट चुनाव करवाने का बनेगा। ऐसे में कुछ लोग उच्च न्यायालय में भी इस चुनाव के आधार पर जा सकते हैं। वे तर्क देंगे कि पुटा चुनाव हो सकता है तो सीनेट का चुनाव भी करवाया जाए। पुटा के ऑफलाइन चुनाव में पूरा साथ देने के लिए एक ग्रुप भी ताकत लगा रहा है ताकि चुनाव हो जाएं।
विज्ञापन

शिक्षकों की मांग- यूटी व पीयू प्रशासन खुद संज्ञान ले
पीयू के कुछ शिक्षकों ने यूटी प्रशासन के अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया है और पुटा चुनाव के हाल बताए हैं। उन्होंने कहा है कि पीयू कैंपस में इतना बड़ा चुनाव करवाया जा रहा है, इसके लिए न तो कोई अनुमति ली गई और न ही अफसरों को अवगत करवाया गया है जबकि कोरोना के चलते भीड़-भाड़ इकट्ठा करना मना है इसलिए यूटी प्रशासन खुद इसका संज्ञान ले। वहीं पीयू प्रशासन भी इस प्रकरण में गंभीरता दिखा सकता है। अधिकारी खुद प्रकरण का संज्ञान लेकर पुटा के चुनाव अधिकारी को नोटिस जारी कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें