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मोटापे का रामबाण: एक साल के लिए पेट में डालिए बैलून, 20 किलो तक कम हो जाएगा वजन

Sun, 25 Sep 2022 02:00 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पेट में डाला गया गुब्बारा भोजन के क्षेत्र को कम कर देता है। इससे कम भोजन से ही पेट भर जाता है। इससे वजन कम करने में तेजी से सफलता मिलती है।
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पीजीआई के जानकारी देते विशेषज्ञ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हैं और चाहकर भी डाइट पर नियंत्रण नहीं कर पाते तो आपके लिए अच्छी खबर है। एक खास तरह के गुब्बारे (बैलून) की मदद से आप एक साल में आसानी से 15 से 20 किलो तक का वजन घटा सकते हैं। लिक्विड से भरा यह बैलून आपके पेट में एक खास जगह मौजूद रहेगा जाएगा और आपकी भूख को नियंत्रित करेगा। आप कम भोजन करेंगे, जिससे वजन घटने लगेगा।

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यह जानकारी एसजीपीजीआई लखनऊ के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर प्रवीर राय ने दी। वह शनिवार को पीजीआई में जीआई इमरजेंसी के दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन बतौर वक्ता पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि गैस्ट्रिक बैलून मोटापा कम करने का आसान तरीका बन रहा है। इसमें इंडोस्कोपी के जरिए मरीज के पेट में एक सीलिकॉन बैलून डाला जाता है जो 300 से 800 एमएल लिक्विड की क्षमता वाला होता है। गुब्बारे को पेट में डालने के बाद उसमें नीले रंग का तरल पदार्थ भर दिया जाता है ताकि पेट के अंदर अगर गुब्बारे से रिसाव हो तो उसे पहचाना जा सके।

उन्होंने बताया कि पेट में डाला गया गुब्बारा भोजन के क्षेत्र को कम कर देता है। इससे कम भोजन से ही पेट भर जाता है। इससे वजन कम करने में तेजी से सफलता मिलती है। पहले इस तकनीक का प्रयोग 6 महीने के लिए ही किया जाता था लेकिन अब तकनीक और एडवांस हो गई है। अब यह एक साल तक आपके पेट में आसानी से रह सकता है।
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कार्यक्रम के पहले दिन देशभर से आए विशेषज्ञों ने इंटरनल न्यूट्रीशन इन आईसीयू, बैक्टिरियल सेप्सिस पद आईसीयू, फंगल सेप्सिस इन आईसीयू, एक्यूट पैनक्रेटाइटिस, रोल ऑफ वेस्कुलर इंटरवेशन जैसे विषयों पर केस स्टडी के साथ प्रशिक्षण दिया।

शादी के इच्छुक युवा कर रहे इस तकनीक का ज्यादा उपयोग

प्रोफेसर प्रवीर राय ने बताया कि अनियमित दिनचर्या और असंतुलित भोजन के कारण युवा भी मोटापे की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में शादी से पहले मोटापा कम करने के इच्छुक युवा इस तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं। यह तकनीक सर्जरी की तुलना में सुरक्षित और प्रभावशील है। हालांकि इसमें कुछ लोगों को शुरुआती दौर में उल्टी, पेट दर्द जैसी कुछ परेशानी होती है जो धीरे-धीरे ठीक हो जाती है। इस तकनीक के प्रयोग के बाद खान-पान में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है नहीं तो पहले वाली स्थिति दोबारा बन सकती है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक के लिए एसजीपीजीआई लखनऊ में करीब एक लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे। वहीं, निजी अस्पतालों में इसके लिए करीब तीन लाख का खर्च आएगा।

चंडीगढ़ में स्थिति हो रही गंभीर

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे रिपोर्ट-5 पर गौर किया जाए तो चंडीगढ़ में स्थिति और गंभीर होती जा रही है। इसमें बताया गया है कि शहर की 43.9 प्रतिशत महिलाएं मोटापे की शिकार हैं। उनका बॉडी मास इंडेक्स 25 से ज्यादा पाया गया है। वहीं शहर के 34.4 प्रतिशत पुरुष ओवरवेट हैं। यह आंकड़ा सर्वे-4 में क्रमश: 41 और 42 प्रतिशत था।

मोटापे से बचाव के लिए ये करें

  • प्रतिदिन कम से कम 45 मिनट व्यायाम करें
  • रोजाना कम से कम पांच किलोमीटर चलें
  • खाने में नमक की मात्रा कम करें। सलाद पर नमक न डालें। पापड़ खाने से बचें
  • तनाव दूर करने के लिए अपने शौक को पूरा करने के लिए समय निकालें
  • फल और हाई-फाइबर वाली चीजें (गेहूं, ज्वार, बाजरा, जौ, दलिया, स्प्राउट्स, ओट्स, चना, दाल, ब्राउन राइस आदि) ज्यादा खाएं

 

इनसे कर लें तौबा

फास्ट फूड, तली-भुनी चीजें (समोसा, टिक्की, ब्रेड पकौड़े आदि), कोल्डड्रिंक, मीठी चीजें, चावल, मैदा, सैचुरेटेड फैट (देसी घी, वनस्पति, मक्खन, नारियल तेल) पैक्ड फूड (सॉस, अचार, चिप्स, कुकीज) के अलावा अंडे का पीला भाग, रेड मीट और फुल क्रीम दूध के सेवन से बचें।

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