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PU Student Election: पूसा अध्यक्ष ने एबीवीपी उम्मीदवार के समर्थन में लगाया स्टेटस, छात्र संगठन बोले-ये गलत

Sat, 31 Aug 2024 06:42 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो प्रियंका ठाकुर, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब यूनिवर्सिटी में पांच सितंबर को छात्र संघ के चुनाव हैं। उसी दिन शाम को परिणाम आ जाएंगे। पीयू में इस समय चुनावी माहाैल गरमाया हुआ है।
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एबीवीपी उम्मीदवार अर्पिता के समर्थन में पूसा अध्यक्ष की पोस्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीयू के नाॅन टीचिंग एसोसिएशन (पूसा) अध्यक्ष हनी ठाकुर ने शुक्रवार को एबीवीपी से अध्यक्ष उम्मीदवार अर्पिता के समर्थन में स्टेटस लगाया, जिस पर अन्य छात्र संगठन भड़क गए। 
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पूसा अध्यक्ष ने अपने स्टेटस में सभी सहकर्मी को लिखा कि पीयू परिसर छात्र परिषद चुनाव 2024-25 में अर्पिता जोकि उनमें से एक कर्मचारी की बेटी हैं, अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने जा रही हैं। सभी से निवेदन है कि वह अपने वार्ड और रिश्तेदारों से उसे वोट डालने के लिए आग्रह करें। स्टेटस में हनी ठाकुर ने एसोसिएशन का नाम और अपना पदभार भी लिखा। 

पीयू में डिप्टी डायरेक्टर हैं अर्पिता के पिता

अर्पिता के पिता पीयू में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं और मां देव समाज कॉलेज फॉर वुमन में प्राचार्य हैं। सीवाईएसएस अध्यक्ष उम्मीदवार प्रिंस चौधरी ने इसका विरोध किया और कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर पहले भी डीएसडब्ल्यू प्रो. अमित चौहान से बात कर चुके हैं। प्रिंस ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया और कहा कि पीयू प्रशासन एबीवीपी उम्मीदवार का समर्थन कर रहा है। चुनाव के दौरान वह प्रदर्शन नहीं कर सकते और सभी अपने कैंपेन में व्यस्त हैं, जिसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। वह सोमवार को पीयू प्रबंधन के समक्ष इस मुद्दे को उठाएंगे। 

सभी ने बताया गलत

एनएसयूआई अध्यक्ष उम्मीदवार राहुल नैन ने इस कदम को गलत ठहराया और कहा कि वह इसका विरोध करेंगे। निर्दलीय उम्मीदवार अनुराग ने किसी भी दल, संगठन का छात्र परिषद चुनाव में दखल देने को गलत बताया और ऐसी हरकतों को लोकतंत्र की हत्या बताया। अनुराग ने कहा कि वह छात्रों के मुद्दे उठा कर चुनाव लड़ रहे हैं और मेहनत कर रहे हैं लेकिन पीयू अधिकारियों का ऐसा करना गलत है। 

पीएसयू ललकार से अध्यक्ष उम्मीदवार सारा ने इसे प्रशासन और एबीवीपी का नेक्सस कहा और ऐसे कदम को उन छात्र संगठनों के खिलाफ बताया, जो बिना किसी राजनीति समर्थन के पीयू में छात्र राजनीति करना चाहते हैं। एबीवीपी हमेशा से प्रशासन के समर्थन में रहा है। ऐसे में उम्मीदवार के लिए जब प्रशासन के ही लोग प्रचार कर रहे हैं तो वह छात्रों के मुद्दे कैसे उठाएंगे। एबीवीपी को हमेशा से प्रशासन के साथ समझौता करते देखा गया है।
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