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सिप्पी सिद्धू हत्याकांड: आरोपी कल्याणी के खिलाफ दो गवाहों ने दी गवाही, क्राॅस एग्जामिनेशन में बयानों पर अड़े रहे

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चंडीगढ़। नेशनल शूटर एवं हाईकोर्ट के एडवोकेट सिप्पी सिद्धू हत्याकांड में शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। सीबीआई की जांच टीम द्वारा मृतक के ऑफिस में कैंटीन चलाने वाले प्रीतपाल सिंह और हत्या के बाद पुलिस पीसीआर को फोन कर सूूचना देने वाले गवाह विक्रम नागपाल के बयान दर्ज हुए। दोनों ही गवाही होने के बाद आरोपी पक्ष के अधिवक्ता द्वारा क्राॅस एग्जीमिनेशन भी किया गया। इसमें दोनों गवाह आरोपी कल्याणी के खिलाफ दिए गए बयानों पर अड़े रहे। इस मामले में अगली सुनवाई पर 5 सितंबर को अन्य दो गवाहों की गवाही होगी।
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क्या कहा प्रीतपाल ने बयान में... जान लीजिए
पहली गवाही प्रीत पाल सिंह की हुई। उसने बयानों में बताया कि वह एक मीडिया एजेंसी के कार्यालय में कैंटीन चलाता था। जुलाई 2015 तक उसने वहां काम किया। इसी बीच उसने एडवोकेट सिप्पी सिद्धू के कार्यालय भवन में कैंटीन चलाने व जगह लेने के लिए सिप्पी सिद्धू से उनके कार्यालय एफ-452, फेज 8-बी, मोहाली में मुलाकात की। उन्होंने उसे ग्राउंड फ्लोर स्थित अपने कार्यालय में जगह देने पर सहमति जताई। इसके बाद 16 अगस्त 2015 को उसने सिप्पी सिद्धू के कार्यालय भवन के ग्राउंड फ्लोर स्थित एक कमरे में कैंटीन शुरू की। कैंटीन शुरू होने के दो-तीन दिन बाद सिप्पी सिद्धू विदेश चले गए और करीब एक महीने बाद यानी 18 सितंबर 2015 को भारत लौटे। वह दोपहर करीब 12:30 या 1 बजे एफ-452, फेज-8-बी, मोहाली स्थित अपने कार्यालय में आए तो वह उन्हें चाय, कॉफी आदि देने के लिए उनके कार्यालय कक्ष में गया। उस समय उनके कार्यालय में काली और सफेद साड़ी में कल्याणी सिंह मौजूद थीं और वह दोनों किसी मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे। जब वह ऑफिस में अंदर गया तो कल्याणी सिंह ऊंची आवाज में बोल रही थीं और सिप्पी उसे शांत कर रहे थे। उस समय वह उनकी चर्चा का मुद्दा नहीं समझ पाया। अगले दिन 18 अगस्त 2015 को कल्याणी सिंह दोपहर करीब एक बजे फिर से सिप्पी के कार्यालय में आई और कुछ देर बाद बातचीत कर फिर से चली गई। इसके बाद जब उसकी मुलाकात सिप्पी सिद्धू से हुई तो वह कल्याणी सिंह के व्यवहार से परेशान लग रहे थे। उसके द्वारा पूछे जाने पर सिप्पी सिद्धू ने उसे बताया कि वह कल्याणी सिंह के व्यवहार से परेशान हैं, जो उन पर शादी के लिए दबाव डाल रही हैं जबकि वह उनसे शादी करने के लिए इच्छुक नहीं हैं। सिप्पी सिद्धू को कल्याणी सिंह की ओर से धमकी की आशंका थी अगर उन्होंने उसे शादी करने से इन्कार कर दिया।
क्या कहा दूसरे गवाह ने
दूसरेे गवाह विक्रम नागपाल ने कोर्ट को दिए बयानों में बताया कि 20 सितंबर 2015 को रात में करीब 9:30 बजे वह भाई विशाल नागपाल के साथ सेक्टर-27बी स्थित हाउस नंबर-1001 में अपने घर पर मौजूद था। उसके चचेरा भाई निक पंचकूला के सेक्टर-21 के हाउस नंबर-1306में रहने वाला उसके घर पर आया हुआ था। उपरोक्त समय वह ग्राउंड फ्लोर पर कमरे में था। रात करीब 9:30 बजे वह अपने भाई विशाल नागपाल से फोन पर बात कर रहा था, तभी उसे दो पटाखे फूटने जैसी आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद दो और आवाजें आईं। यह आवाज फायर की आवाज जैसी थी। उसने अपने भाई विशाल नागपाल और घर पर मौजूद चचेरे भाई निक को सूचित किया। वह तीनों अपने घर के सामने आंगन में आए, गोलियों की आवाज के बारे में चर्चा करने के बाद यह अनुमान लगाया कि उनके घर के पास स्थित पार्क में कोई हमला या आत्महत्या की घटना हुई होगी।
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करीब 10 मिनट की चर्चा के बाद वह तीनों कार में अपने घर से बाहर आए और सेक्टर-27बी का चक्कर लगाया। उनकी कार सेक्टर-27 चंडीगढ़ से मध्य मार्ग की ओर जाने वाली सड़क पर थी जो सेक्टर-27बी से सटे पार्क के पास थी। वह सेक्टर 27-8 की मुख्य सड़क पर गाड़ी से उतरे और वहां से सेक्टर-27बी 8 पार्क के से पैदल अपने घर के लिए चला गया। जब वह घर आते समय पार्क के गेट के पास पहुंचा तो देखा कि पार्क में वॉकिंग ट्रैक पर एक अज्ञात व्यक्ति घूम रहा था। उसने इसकी सूचना अपने भाई को दी। जिसने कार को पार्क की ओर मोड़ दिया और कार की रोशनी से वह अज्ञात व्यक्ति को देखा जो पार्क के वॉकिंग ट्रैक पर खून से सना पड़ा था। इसके बाद उसने 100 नंबर डायल कर पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया और उन्हें घटना के बारे में सूचित किया। इसके बाद वह तीनों भाई अपने घर पहुंचे और अपने परिवार के सदस्य को भी इस घटना के बारे में बताया। करीब 20 मिनट बाद पुलिस की गाड़ी वहां पहुंची और उन्होंने पुलिस को घटना के बारे में बताया। इसके बाद उस रात पुलिसकर्मी उसके घर के पास मौके पर पहुंचे और उससे शिकायत के बारे में पूछताछ की। उन्होंने उनके घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों के बारे में जानकारी ली, क्योंकि उनके घर पर करीब 14 कैमरे लगे हैं। इनमें से दो कैमरे घर के मुख्य द्वार पर लगे पेड़ों पर लगे हैं। बाकी कैमरे घर के परिसर में लगे हैं ताकि घर की चहारदीवारी तक और घर के अंदर कोई गतिविधि न हो सके। मुख्य द्वार पर लगे दो कैमरों में से एक कैमरा काम कर रहा था। एक महिला पुलिस निरीक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर की जांच की और वीडियो व तस्वीरें क्लिक कर अपने मोबाइल फोन में कुछ डेटा लिया। दोनों गवाहों की गवाही होने के बाद आरोपी पक्ष ने इनसे क्राॅस एग्जामिनेशन करते हुए कई सवाल किए, लेकिन गवाह कल्याणी के खिलाफ बयानों पर अड़े रहे।
सुनवाई के लिए ये तारीखें निर्धारित कीं
वहीं, कोर्ट ने इस मामले में रेगुलर सुनवाई के लिए 5 सितंबर, 23, 24 व 27 सितंबर के अलावा 7 से 10 अक्तूबर तक निर्धारित कर दी है, जिसमें अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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