चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने शोधगंगा पर देशभर में सबसे अधिक 8800 से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक शोध (थिसिस) अपलोड की हैं। पीयू को शोधगंगा रिपोजिटरी पर शीर्ष 10 योगदानकर्ताओं में इनफ्लिबनेट की ओर से मान्यता दी गई है। यूनिवर्सिटी को यह सम्मान 26-28 अक्तूबर को गांधीनगर में इनफ्लिबनेट की ओर से आयोजित इलेक्ट्रॉनिक थीसिस और शोध प्रबंध पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दिया गया।
शोधगंगा ई-रिपॉजिटरी इनफ्लिबनेट की ओर से बनाए गए थीसिस और शोध प्रबंधों का एक भारतीय भंडार है। संस्थान की ओर से पीएचडी के साथ एमफिल की थिसिस भी ऑनलाइन शोधगंगा पर अपलोड की गई है। यूजीसी के नियमों के अनुसार दुनियाभर के शैक्षणिक समुदाय के लिए भारतीय थीसिस और शोध प्रबंधों (पीएचडी और एमफिल) तक खुली पहुंच की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से यूनिवर्सिटियों में शोधकर्ताओं की ओर से इसे ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है। शोधगंगा में योगदान नैक की ओर से मान्यता का एक महत्वपूर्ण पहलू है। साथ ही इसका विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (निरफ) पर भी प्रभाव पड़ेगा।
इस बार संस्थान ने शोध में रैकिंग में भी किया था सुधार
पंजाब यूनिवर्सिटी को इस बार रैंकिंग में भी रिसर्च में बेहतरीन स्कोर मिला है। हाल ही में जारी की गई क्यूएस एशियन रैंकिंग में साइटेशन में प्रति पेपर में 24, इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क में 25.5, पेपर प्रति फैकल्टी में 29.1 स्कोर मिला है। वहीं, शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी इस बार की राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (निरफ) 2023 में भी संस्थान को रिसर्च में 50.65 स्कोर के साथ 33वीं रैंक रही है।