पंजाबी मूवी धर्मयुद्ध मोर्चा पर विवाद
- फोटो : फाइल फोटो
उड़ता पंजाब और माइकल मिश्रा के बाद अब एक और मूवी को लेकर विवाद शुरू हो गया है, जिससे भड़के एक्टर और प्रोड्यूसर ने बड़ी चेतावनी दी। दरअसल, सेंसर बोर्ड ने पंजाबी फिल्म धरम युद्ध मोर्चा के भारत में रिलीज होने पर पाबंदी लगा दी है।
वहीं फिल्म के निर्माता करमजीत सिंह बाठ ने कहा कि फिल्म को रिलीज करवाने के लिए कानूनी उपाय किए जाएंगे। यह फिल्म पंजाबी सूबे के लिए हुए आंदोलन पर आधारित है। जोकि 16 सितंबर को भारत और विदेशों में रिलीज होनी थी।
पंजाब सरकार इस साल पंजाबी सूबे की पचासवीं वर्षगांठ मना रही है।फिल्म के प्रमुख अदाकार राज काकड़ा ने कहा कि इस पर पाबंदी लगाना बेहद गलत है। कला के माध्यम से इतिहास को पेश करना कोई जुर्म नहीं है।
हम पंजाब के सिख इतिहास के अहम पलों को एक दस्तावेज के रूप में पेश कर रहे हैं। फिल्म पर पाबंदी लगाने से इतिहास को बदला नहीं जा सकता। फिल्म रिलीज करवाने को कानूनी लड़ाई लड़ूंगा
फिल्म पर बैन पंजाब के हकों और मानवाधिकारों पर हमला
पंजाबी मूवी धर्मयुद्ध मोर्चा पर विवाद
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काकड़ा ने कहा कि इतिहास हम सबसे सवाल कर रहा है कि सारे पंजाबियों को उस दौर से रूबरू कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। काकड़ा ने कहा कि पंजाब को समझने के लिए 1947 का विभाजन, पंजाबी सूबा मोर्चा से लेकर आतंकवाद तक का दौर बहुत अहम है।
आनंदपुर साहिब प्रस्ताव आज भी धार्मिक, सामाजिक व सियासी महत्व रखता है। दुनिया भर में बैठे पंजाबी अपने इतिहास को जानने को उत्सुक हैं। फिल्म के निर्माता करमजीत सिंह बाठ ने कहा कि दुनिया भर में, खासतौर पर यूरोप में इतिहास पर बहुत सी फिल्में बनाई गई हैं। पर वहां की सरकारों और सेंसर बोर्डों ने कभी भी सिनेमा जैसी कला पर पाबंदी नहीं लगाई।
यह फिल्म किसी के खिलाफ नफरत पैदा नहीं करती। बल्कि, लोगों को उस समय की घटनाओं और तथ्यों की जानकारी देती है। फिल्म के खिलाफ लिया फैसला पंजाब के हकों और मानवाधिकारों पर हमला है।