महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी।
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सन्नौर से आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत पठानमाजरा की दूसरी शादी का मामला पंजाब महिला आयोग पहुंच गया है। आयोग ने विधायक के पंचायती तलाक को नकारते हुए स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट तलब कर ली है। आयोग ने इसके लिए प्रशासन को सात दिन का समय दिया है। महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने कहा है कि विवाद को सुलझाने के लिए यदि जरूरत पड़ी तो दोनों को बुलाकर पूछताछ भी की जाएगी।
महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने पंचायती तलाक को नकार दिया है। उन्होंने कहा है कि यह कानूनी तौर पर मान्य नहीं है। पंचायती स्तर पर तलाक हो जाते हैं लेकिन उसे कानूनी जामा पहनना जरूरी होता है। विधायक ने पहली पत्नी को कानूनी तौर पर तलाक दिए बगैर ही दूसरी शादी की है। मनीषा गुलाटी ने कहा कि हमारी नजर में पति-पत्नी एक समान हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि मामले का हल निकाला जाए। पत्नी के धमकाने के आरोप पर गुलाटी ने कहा कि गलत काम करने वाले को सरकार सपोर्ट नहीं करती। अगर विधायक की गलती हुई तो सरकार को लिखेंगे और उनका सपोर्ट भी लेंगे। फिलहाल यह सब आरोप हैं, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।
क्या है मामला
पठानमाजरा की दूसरी पत्नी ने शिकायत दी है कि विधायक ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। शिकायत में लिखा है कि 14 अगस्त, 2021 को विधायक ने उनसे यह कहकर शादी की थी कि पहली पत्नी से उनका तलाक हो गया है। तलाक के सारे कागज घर पर रखे हैं। चुनाव लड़ने वक्त भी विधायक ने पहली पत्नी का नाम दिया था। मुझे जीरकपुर में एक फ्लैट में रख खुद पहली पत्नी के साथ रह रहे हैं। इसके साथ ही विधायक का एक अश्लील वीडियो भी वायरल हो रहा है।
पठानमाजरा विधायक हैं। यदि उन पर आरोप लग रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। वह समाज के प्रतिनिधि हैं तो उनकी जवाबदेही ज्यादा बनती है। महिला आयोग ने स्थानीय प्रशासन से दोनों पक्षों की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। - मनीषा गुलाटी, अध्यक्ष, पंजाब महिला आयोग।