पंजाब महिला आयोग ने डीजीपी से कहा है कि राज्य पुलिस में उच्च स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति के लिए राज्य महिला आयोग की सलाह भी ली जाए। डीजीपी दिनकर गुप्ता से मुलाकात के दौरान राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति शैक्षिक और कार्य योग्यता के साथ महिलाओं से संबंधित मामलों के निपटारे में सक्रियता और पीड़ित महिला को इंसाफ की स्थिति भी देखनी चाहिए।
आयोग ने दागी पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को किसी ऊंचे पद पर तैनात करने से पहले उन अफसरों-कर्मचारियों की महिलाओं के प्रति सोच और महिला पुलिसकर्मियों के प्रति उनके व्यवहार के बारे में आयोग से जानकारी हासिल करने की सलाह दी। गुलाटी का कहना है कि इस जांच से दागी और महिलाओं के प्रति गैरजिम्मेदाराना और अनुचित रवैया रखने वाले अफसरों-कर्मचारियों को थानों, पुलिस चौकियों में तैनाती से दूर रखा जा सकेगा।
महिलाओं से संबंधित केसों पर गंभीरता से कार्रवाई करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को ही महिला संबंधी केसों की जिम्मेदारी सौंपी जाए। चेयरपर्सन ने बताया कि डीजीपी ने इस सुझाव पर सहमति जताई है और महिला संबंधी केस में रोड़ा बनने वाले अधिकारियों की सूची मांगी है। उन्होंने कहा कि महिला आयोग के पास रोजाना ऐसे कई केस आते हैं जिनमें पुलिस के कुछ अधिकारियों की महिलाओं के प्रति गैरजिम्मेदाराना सोच के कारण महिलाओं को इंसाफ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ऐसे केसों को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने डीजीपी के साथ विचार-विमर्श किया है।