बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं उमस ने लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार, ह्यूमिडिटी में सामान्य से 41 प्रतिशत ज्यादा रिकॉर्ड की गई है। बुधवार को ट्राइसिटी में उमस का स्तर 84.0 प्रतिशत तक दर्ज किया गया।
तीन दिन कैसा रहेगा मौसम
चंडीगढ़ सहित हरियाणा व पंजाब में अगले तीन दिन बारिश और बादल छाए रहने की संभावना बनी है। हरियाणा व चंडीगढ़ में 25 और 26 जून को बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। अगले तीन दिन चंडीगढ़ के लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
ट्राइसिटी में मानसून ने दस्तक दे दी है। सामान्य दिनों से मानसून का आगमन पांच दिन पहले हुआ है। विभाग मौसम में होने वाली सभी तब्दीली को लेकर नजर बनाए हुए है। - सुरेंद्र पाल, निदेशक, मौसम विभाग, चंडीगढ़
चंडीगढ़ में किस साल कब पहुंचा मानसून
- साल मानसून की तारीख बारिश कमी/ज्यादा
- 2019 06 जुलाई 650 एमएम 20 फीसदी कम
- 2018 28 जून 998 एमएम 18 फीसदी ज्यादा
- 2017 12 जुलाई 752.8 एमएम 11 फीसदी कम
- 2016 दो जुलाई 456.9 एमएम 46 फीसदी कम
- 2015 25 जून 548.3 एमएम 35 फीसदी कम
जालंधर में बुधवार को तेज बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 11 डिग्री लुढ़ककर 31 डिग्री सेल्सियस रह गया और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के मुताबिक 25 जून को भी मौसम यथावत बना रहेगा। वहीं बारिश के साथ कई इलाकों में बिजली गुल हो गई।
शहर के संजय गांधी नगर, अमर नगर, भगत सिंह कालोनी, गुरु अमरदास नगर, कालिया कॉलोनी, न्यू सिराजगंज, मोती नगर, आदर्श नगर, हरबंस नगर, जीटीबी नगर, मॉडल हाउस, बलजीत नगर, किशनपुरा, कोट किशन चंद, रेलवे कॉलोनी, बाबा बालक नाथ नगर व बाबा दीप सिंह नगर में बिजली कटौती की गई।
रोपड़ में पहली बरसात ने खोली प्रबंधों की पोल
रोपड़ में बुधवार को सुबह 11.30 बजे शुरू हुई तेज बारिश तीन बजे तक जारी रही। इससे तापमान में गिरावट आई है। बारिश ने नगर काउंसिल के निकासी प्रबंधों की पोल खोल दी है। शहर की ज्ञानी जैल सिंह कालोनी की मुख्य सड़क तो नहर में तब्दील हो गई। सड़क पर पानी भरने से गाड़ियां भी बंद हो गई। इस दौरान एक स्विफ्ट कार में सवार परिवार पानी में फंस गया।
कुछ समय के बाद मौके से गुजर रहे चार युवाओं ने गाड़ी को धक्का देकर बाहर निकाला। इसके अलावा शहर की मल्होत्रा कालोनी क्षेत्र में भी निकासी प्रबंध सही न होने के कारण लोग बड़ी परेशानियों में घिर गए। कई घरों में पानी घुसने से लोगों का सामान खराब हो गया। इसके अलावा गुरुद्वारा भट्ठा साहिब के नजदीक राष्ट्रीय मार्ग के पास एक गली में पानी भरने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। 15 सालों से काउंसिल ने इस समस्या को हल नहीं करवाया।
राजपुरा: मक्की और हरे चार के लिए तेज बारिश बनी वरदान
राजपुरा क्षेत्र में हुई बारिश से बुधवार को किसानों के चेहरे खिल गए। कई दिनों से लगातार गर्मी व पानी की किल्लत ने किसानों के सामने धान, मक्की व हरे चारे को लेकर परेशानी खड़ी कर दी थी। लेकिन सुबह से हो रही बारिश फसलों के लिए वरदान साबित हो रही है।
क्षेत्र के गांव बलसूआं, भप्पल, नलास, भटेड़ी, सबदलपुर, उंटसर, मिर्जापुर, जखड़ां, सेहरा-सेहरी, उगाणी, गौंसपुरा, टहलपुरा, गारदी नगर, थूआ, नेंपरा, व गौंसपुरा के किसान सुरिंद्र सिंह, अमरीक सिंह, नछतर सिंह, रणधीर सिंह धीरा, कशमीर सिंह, सुलखन सिंह, अंग्रेज सिंह, सुखदेव सिंह ने बताया कि इस बार इलाके में धान की फसल लगाने का सीजन जोरों पर है। कोरोना के चलते मजदूरों की बहुत कमी है। साथ ही गर्मी ने बेहाल कर रखा था। लेकिन बुधवार को हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर रौनक ला दी है।