दो बेटियों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ऐसा लेटर लिखा है, जिसे पढ़कर पीएमओ हिल जाएगा। आप भी पढ़ेंगे तो कहेंगे, मोदी जी कुछ कीजिए इनके लिए।
मामला पंजाब के बठिंडा का है। सरकारें गरीबों की हितैषी होने और उनके लिए तमाम योजनाएं चलाने का दावा करती हैं। योजनाओं की जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। इसकी बानगी है जिले के गांव कोठा गुरु निवासी बाबू सिंह। बाबू की बेटी सुखदीप कौर के दोनों गुर्दे खराब हैं।
बेटी का इलाज कराने में बाबू का घर तक बिक चुका है। इसके बाद भी बेटी ठीक नहीं हो सकी। हालात यह है कि गरीब की बेटी सुखदीप कौर पिछले तीन माह से बिस्तर पर जिंदगी और मौत से जूझ रही है। मजबूर पिता बेटी के इलाज के लिए सरकारों की ओर निहार रहा है। गांव कोठा गुरु निवासी बाबू सिंह मजदूरी कर अपना परिवार पालता है।
बड़ी बेटी सुखदीप कौर आईटीआई पास है और छोटी बेटी पढ़ रही है। मजदूरी का काम करने वाले बाबू सिंह ने बताया कि तीन माह पहले जब उसकी बेटी सुखदीप कौर के शरीर में ब्लड की कमी आ गई। इस पर वह डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने बेटी के सभी टेस्ट फरीदकोट मेडिकल अस्पताल से करवाने के लिए कहा।
प्राइवेट हस्पताल में भी ठीक नहीं हो पाई सुखदीप
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टेस्ट कराने के बाद पता चला कि बेटी के दोनों गुर्दे खराब हैं तो बाबू सिंह ने बेटी को बठिंडा के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया। वहां करीब एक लाख रुपये खर्च आया। इसके बाद भी उसकी बेटी ठीक नही हो पाई।
बाबू सिंह ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार परिवार का कोई सदस्य या अन्य व्यक्ति अपना गुर्दा लड़की को देता है तो वह बच सकती है, जिस पर करीब तीन से चार लाख रूपए खर्च आएगा। उसने बेटी का इलाज कराने में गांव में बना छोटा घर तक बेच दिया। बेटी फिर भी ठीक नहीं हुई।
बाबू सिंह ने बताया कि गरीब होने के चलते वह अपनी बेटी का उपचार करवाने में असमर्थ है। उसने कहा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहिम तो केंद्र सरकार ने शुरू कर दी है पर उसकी बेटी को बचाने के लिए न तो प्रशासन आगे आ रहा और न ही कोई केंद्रीय मंत्री सहायता कर रहा है।
उसने कहा कि केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्री हरसिमरत कौर बादल नन्ही छांव मुहिम के तहत बच्चियों के बारे में टी वी पर विज्ञापन दे रही हैं और उसकी बेटी को बचाने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। शिअद के मीडिया सचिव ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि सुखदीप कौर की सहायता करने के लिए वह केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के ध्यान में लाएंगे।
उन्होंने कहा कि जल्द ही सुखदीप कौर का इलाज कराने का प्रयास किया जाएगा।
लिवर की बीमारी से पीड़ित है 2 महीने की बेटी, बचा लीजिए
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पावर हाऊस रोड स्थित एक दिव्यांग पिता ने अपनी दो माह की बच्ची के उपचार में सहायता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार पत्र भेजा है। प्रधानमंत्री से पीड़ित ने बेटी की हालत नाजुक होने का हवाला देते हुए जल्द बेटी का उपचार करवाने की गुहार लगाई है।
बातचीत के दौरान दो माह की बेटी के एक हाथ से अपाहिज पिता राहुल शर्मा ने बताया कि दो माह पहले बेटी पैदा हुई थी। जन्म से कुछ दिन बाद ही उसकी बेटी के लिवर ने पूरा काम करना बंद कर दिया, जिसके चलते उसकी हालत नाजुक हो गई थी। जिसको उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर डाक्टरों ने बताया कि उसकी बेटी का लिवर 30 प्रतिशत काम करता है।
उसने बताया कि वह खुद बेरोजगार है और उसके दादा की पेंशन से घर का खर्च चलता है। उसने बताया कि अब उसकी बेटी की हालत बहुत चिंताजनक हो गई है। जिस के चलते अब उसे अपनी बेटी को बचाने का एक ही जरिया नजर आ रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी उसकी सहायता कर सकते हैं।