वहीं विजिलेंस ने शिकायत मिलने के बाद मनप्रीत बादल को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने को बुलाया था। इसके बाद मनप्रीत बादल अपने वकील के साथ विजिलेंस कार्यालय पहुंचे थे और उन्होंने विजिलेंस के सवालों का जवाब दिया था। इस पूरे प्रकरण के बाद सीएम भगवंत सिंह मान ने एक मंच से कहा था कि मनप्रीत बादल के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं मनप्रीत बादल ने सीएम मान को केस के बारे में सार्वजनिक जानकारी देने की चुनौती दी थी।
नियमों के तहत खरीदे प्लॉट
स्थानीय अदालत में याचिका दाखिल कर मनप्रीत बादल ने कहा था कि सीएम मान के इशारे पर झूठे मामले में फंसाने के लिए विजिलेंस जांच कर रही है जबकि बठिंडा विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने प्लॉट की नीलामी के लिए चार प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया था और इनकी ई-नीलामी की गई थी। इसमें कोई भी शामिल नहीं हो सका।
याचिका में कहा गया है कि उन्होंने नियमों के तहत प्लॉट खरीदे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि वह विजिलेंस जांच में शामिल हो चुके हैं और इसके बाद मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। रविवार को मनप्रीत बादल के वकील सुखदीप भिंडर ने भी मीडिया के जरिये कहा कि बादल ने अदालत में याचिका इसलिए दायर की है कि पता लगाया जा सके कि विजिलेंस ने मनप्रीत बादल के खिलाफ कोई केस दर्ज किया है या नहीं।
विजिलेंस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार
सूत्रों ने बताया कि अदालत का नोटिस मिलने के बाद विजिलेंस ने अपनी जांच को तेजी से आगे बढ़ाया और रविवार शाम को एक टीम ने सिविल लाइन क्लब में एक बैठक में शामिल होने पहुंचे राजीव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं अमनदीप को भी विजिलेंस ने एक अन्य जगह से गिरफ्तार किया। विजिलेंस ने राजीव और अमन को गिरफ्तार करने के बाद अगली कारवाई शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस बीडीए के अधीक्षक पंकज, विकास कुमार, मनप्रीत बादल और शेरगिल को गिरफ्तार करने की तैयारी में है।
पार्टी छोड़ना मंजूर, मगर शिकायत वापस नहीं लूंगा: सिंगला
शिकायतकर्ता भाजपा नेता सरूप चंद सिंगला ने कहा कि वो किसी भी कीमत पर अपनी शिकायत वापस नहीं लेंगे। बता दें कि जनवरी 2023 में मनप्रीत बादल ने भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि अब शायद भाजपा नेता सिंगला अपनी शिकायत वापस ले लेगें। मगर सिंगला ने कहा कि उन्हें पार्टी छोड़ना मंजूर है लेकिन वो मनप्रीत के खिलाफ शिकायत वापस नहीं लेंगे।