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बठिंडा: पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल की मुश्किलें बढ़ीं, अब विजिलेंस की रडार पर उनकी संपत्ति

Thu, 28 Sep 2023 01:02 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी/अमर उजाला, बठिंडा/चंडीगढ़

सार

वकीलों की हड़ताल के चलते बुधवार को भी मनप्रीत बादल की जमानत याचिका दायर नहीं हो पाई। अब गुरुवार को उनके वकील याचिका दाखिल करेंगे। उधर, विजिलेंस राजीव कुमार और अमनदीप सिंह को रिमांड खत्म होने पर गुरुवार को ही अदालत में पेश करेगी।
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मनप्रीत सिंह बादल। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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प्लॉट घोटाले में पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत चल रहे हैं। वह पुलिस के डर से लगातार ठिकाने बदल रहे हैं जबकि विजिलेंस की टीमें राजस्थान और दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। वहीं, विजिलेंस ने अब उनके मंत्री पद पर रहते हुए बनाई गई संपत्ति और विदेशी दौरों की जांच भी शुरू करने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक अगर कोई खामी मिलती है तो विजिलेंस आने वाले समय में उन पर और केस दर्ज कर सकती है।

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सूत्रों के मुताबिक प्लॉट घोटाले मामले में विजिलेंस द्वारा पकड़े जा चुके राजीव कुमार, अमनदीप सिंह और विकास अरोड़ा ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल का एक अति नजदीकी ही पूरे प्रशासन और अफसरशाही को चला रहा था। इसके अलावा उक्त प्लॉट मामलों में मनप्रीत के अलावा उनके अति नजदीकी की ही सबसे बड़ी भूमिका है।

सूत्रों ने बताया कि मनप्रीत का सिर्फ इशारा होता था, बाकी पूरा काम तो उसका नजदीकी ही संभालता था। तीनों आरोपियों ने बताया कि मनप्रीत का अति करीबी जो भी करता था उसको मनप्रीत भी नहीं टाल सकते थे। इस वजह से मनप्रीत से ज्यादा दबदबा उसके नजदीकी का था। विजिलेंस ने उक्त तीनों आरोपियों की पूछताछ के आधार पर पूर्व वित्त मंत्री के एक रिश्तेदार और अति नजदीकी की भी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों से पता चला है कि मनप्रीत तो भूमिगत हो ही चुके हैं, साथ में उनका अति नजदीकी रिश्तेदार भी भूमिगत है।

एक करीबी इंस्पेक्टर भी निशाने पर

सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस द्वारा पकड़े जा चुके तीनों आरोपियों ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इसके तहत आरोपियों ने बताया कि जब मनप्रीत बादल वित्त मंत्री थे तो उनके साथ उनका एक अति नजदीकी सब इंस्पेक्टर भी था। वह मनप्रीत और उनके रिश्तेदार के कहने पर लोगों को डराने-धमकाने का काम करता था। अब यह सब इंस्पेक्टर भी विजिलेंस की रडार पर आ गया है।

हड़ताल के चलते नहीं लग पाई जमानत याचिका

वकीलों की हड़ताल के चलते बुधवार को भी मनप्रीत बादल की जमानत याचिका दायर नहीं हो पाई। अब गुरुवार को उनके वकील याचिका दाखिल करेंगे। उधर, विजिलेंस राजीव कुमार और अमनदीप सिंह को रिमांड खत्म होने पर गुरुवार को ही अदालत में पेश करेगी। सूत्रों के मुताबिक प्लॉट घोटाले में विजिलेंस उस कंप्यूटर को जब्त करने की कोशिश में जुटी है, जिसका इस्तेमाल ई-नीलामी में किया गया। 

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