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Punjab News: टीचिंग फेलो भर्ती घोटाले में 15 साल बाद एक्शन, सेवानिवृत्त कर्मचारियों समेत पांच गिरफ्तार

Tue, 09 May 2023 11:37 PM IST
ajay kumar अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़/गुरदासपुर

सार

साल 2019 में कुछ लोगों ने भर्ती पर प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। इस पर सरकार ने मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी लेकिन चार साल में जांच ब्यूरो ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर पीड़ित हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान विजिलेंस से कहा कि एक महीने में इस मामले की जांच पूरी करो। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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करीब 15 साल पहले ईटीटी/जेबीटी/टीचिंग फेलो के 9998 पदों पर हुई भर्ती के मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने शिक्षा विभाग के दो रिटायर्ड मुलाजिमों समेत पांच को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में जिला शिक्षा दफ्तर (डीईओ) एलिमेंट्री लुधियाना में जूनियर सहायक के पद पर काम कर चुके मनजीत सिंह व सीनियर सहायक महेंदर सिंह (दोनों सेवामुक्त), डीईओ (एलिमेंट्री) गुरदासपुर के सीनियर सहायक धर्मपाल, जूनियर सहायक नरिंदर कुमार और सीनियर मित्र वासू सहायक शामिल हैं। आरोपियों को मंगलवार मोहाली अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।

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विजिलेंस के मुताबिक इन आरोपियों पर भर्ती संबंधी सरकारी रिकॉर्ड में अनियमितता और गड़बड़ी के आरोप हैं। आरोपी डीईओ (एलिमेंट्री) लुधियाना और गुरदासपुर में तैनात रहे हैं। साल 2007 में ईटीटी/जेबीटी/ टीचिंग फैलो के पंजाब स्तर पर लगभग 9998 पदों के लिए आवेदन करने वाले हजारों उम्मीदवारों का भर्ती रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी आरोपियों को सौंपी गई थी। 

आरोपियों को मेरिट सूची, पड़ताल सूची, अनुभव संबंधी सर्टिफिकेट, उम्मीदवारों की अंतिम चयन/मेरिट आदि रिकॉर्ड सुरक्षित रखने थे। इस दौरान चुने गए कई उम्मीदवारों द्वारा अनुभव के जाली सर्टिफिकेट समेत अन्य फर्जी दस्तावेज पेश करने संबंधी जब शिकायत आई तो आरोपी रिकॉर्ड को विभागीय समिति और विजिलेंस ब्यूरो के समक्ष पेश करने में असफल रहे।
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हाईकोर्ट के आदेश पर विजिलेंस ने दोबारा जांच शुरू की
साल 2019 में कुछ लोगों ने भर्ती पर प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। इस पर सरकार ने मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी लेकिन चार साल में जांच ब्यूरो ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर पीड़ित हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान विजिलेंस से कहा कि एक महीने में इस मामले की जांच पूरी करो। 

वरना इस केस को सीबीआई को सौंपने पर विचार किया जा सकता है। विजिलेंस ब्यूरो अमृतसर के एसएसपी वरिंदरपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी धाराओं के साथ धोखाधड़ी व सरकारी रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचाने समेत नौ धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। यह मामला काफी गंभीर है। इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही हे। जल्दी इस मामले में कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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