चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी अब देश के उत्तरी क्षेत्र में युवा उद्यमियों को सशक्त बनाने और स्टार्टअप के लिए युवाओं की मदद करेगी। पीयू नए स्टार्टअप को समर्थन देगी। पीयू स्टार्टअप के अवधारणा के प्रमाण के बाद उद्यमियों को प्रोडक्ट को बाजार तक ले जाने में समर्थन करेगी। इसके लिए पीयू अगले हफ्ते तक सीड फंड (सस्टेनेबल एंटरप्रेन्योरशिप एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट फंड) के लिए प्रस्ताव लांच करेगी। इसमें कोई भी प्रतिभागी हिस्सा ले सकता है, उसका पीयू से होना जरूरी नहीं होगा। इसमें सिर्फ पंजीकृत स्टार्टअप ही हिस्सा ले सकेंगे।
पीयू योजना के तहत चयनित स्टार्टअप को 30 लाख रुपये तक के इक्विटी निवेश के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। प्रति स्टार्टअप को 2 साल की अवधि के लिए वित्त पोषित किया जा सकता है। पीयू को 1 करोड़ रुपये मूल्य की स्वीकृत राशि को सीड फंड योजना के तहत जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) द्वारा वित्त पोषित किया गया है। बायोनेस्ट-पीयू उत्तर भारत में यूनिवर्सिटी समर्थित बायो-इंक्यूबेटर में से एक है, जिसे स्टार्टअप के लिए इस प्रकार का निवेश समर्थन प्राप्त हुआ है। पीयू को ये फंड पहली बार मिला है। बायोनेस्ट के प्रोजेक्ट लीडर डॉ. रोहित शर्मा ने बताया कि सीड फंड निवेश को रणनीतिक निवेश योजना में एक महत्वपूर्ण समर्थन घटक माना जाता है जो स्टार्टअप के विकास में मदद करता है।
बायोनेस्ट-पीयू इस फंडिंग के माध्यम से कई स्टार्टअप का समर्थन करेगा। उन्होंने बताया कि कई बार स्टार्टअप पंजीकृत होने के बाद में फंड की कमी के कारण उद्यमी उसे बाजार तक नहीं पहुंचा पाते हैं और स्टार्टअप बंद हो जाता है। इसलिए स्टार्टअप का सफलता रेट कम है और युवा इसमें आने के लिए घबराते हैं। इस फंड का मकसद स्टार्टअप को बढ़ावा देने के साथ युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है।