चंडीगढ़ के सेक्टर-14 स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल नंबर-5 के बाहर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी है। वॉर्डन को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े छात्र संगठनों ने शुक्रवार को भी वॉर्डन के कार्यालय पर सुबह से ताला जड़ा हुआ है और पीयू के प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी नारेबाजी की जा रही है।
छात्रों की मुख्य मांगें हॉस्टल वॉर्डन को हटाने और प्रशासन की तरफ से उनकी समस्याओं का हल करने को लेकर है। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है और वॉर्डन का रवैया छात्रों के प्रति अत्यंत असंवेदनशील है। प्रशासन की तरफ अब तक छात्रों की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया है। शुक्रवार को काउंसिल के सचिव विनीत यादव ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों का समर्थन किया और उनकी मांगों को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की समस्याओं को हल करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन प्रशासन की चुप्पी बेहद निराशाजनक है। वह छात्रों के साथ है और उनकी मांगें पूरी होने तक उनका समर्थन करने का वायदा किया।
छात्रों की प्रमुख मांगें
- हॉस्टल वॉर्डन को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
- हॉस्टल में स्वच्छ पानी, नियमित साफ-सफाई और बिजली की समस्या का समाधान किया जाए।
- छात्रों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
छात्र संगठनों ने दी चेतावनी
धरने पर बैठे छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वे अगले चरण में प्रशासनिक अधिकारियों का घेराव करेंगे। उन्होंने यह भी एलान किया कि वॉर्डन के घर के बाहर स्थायी धरने की योजना बनाई जाएगी। धरनास्थल पर छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है और प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय के अन्य हॉस्टल के छात्रों का भी ध्यान आकर्षित किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी अनदेखी करना प्रशासन की गंभीर विफलता को दर्शाता है।