पंजाब विश्वविद्यालय के शिक्षकों के व्हाट्सऐप ग्रुप पर इस समय एक ही मुद्दा छाया हुआ है, वह है पीयू सीनेट में सुधार (रिफॉर्म)। इसका स्वरूप बदलने की मांग तेज हो गई है। पूर्व वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर ने मोर्चा संभाला रखा है। उनके माध्यम से किए गए मैसेज का शिक्षक समर्थन कर रहे हैं। इस व्हाट्सऐप ग्रुप में कांग्रेसी व भाजपाई शिक्षक भी जुड़े हैं। अधिक समर्थन भाजपाई शिक्षकों की ओर से मिल रहा है। वह चाहते हैं कि पीयू सीनेट का सुधार होने से ही पीयू का भला होगा।
पीयू के 250 से अधिक शिक्षकों का व्हाट्सऐप ग्रुप बना हुआ है। इसका नाम पीयू जिओ रखा गया है। इसका संचालन कई शिक्षक मिलकर करते हैं। इस ग्रुप में पीयू के पूर्व वीसी प्रो. आरसी सोबती, पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर भी जुड़े हुए हैं। पूर्व रजिस्ट्रार भी इसमें शामिल हैं। कांग्रेसी व भाजपाई विचारधारा वाले शिक्षकों की संख्या भी इसमें बहुतायत में है। सीनेट का चुनाव जैसे ही टाला गया तो उसके बाद से यह व्हाट्सऐप ग्रुप और सक्रिय हो गया। इसमें मोर्चा संभाल रखा है पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर ने।
वह चाहते हैं कि सीनेट का रिफॉर्म होना चाहिए। सीनेट में आमूलचूल परिवर्तन होने से ही पीयू दौड़ सकती है, अन्यथा सीनेट के जरिए बेहतर कार्य होते नहीं दिखते। उन्होंने ग्रुप में उन लोगों के भी नाम लिखे हैं जो सीनेट में अपने ग्रुपों का संचालन करते हैं। प्रो. ग्रोवर ने अपने कार्यकाल में सीनेट रिफॉर्म का प्रकरण प्रमुखता से उठाया और आज रिफॉर्म के लाभ शिक्षकों को भी पता चले तो वह प्रो. ग्रोवर के साथ ग्रुप में संदेश भेजकर खड़े हैं।