फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीयू ने सैलरी से काटी मेंबरशिप तो कानूनी केस बनेगा

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीयू की ओर से यदि पुटा की मेंबरशिप किसी भी शिक्षक के वेतन से काटी गई तो वह कानूनी उल्लंघन होगा। छानबीन में यह तथ्य सामने आए हैं कि सैलरी एक्ट 1936 इसकी अनुमति नहीं देता। यदि ऐसा किया गया तो संबंधित संस्था या उस व्यक्ति पर केस भी दायर हो सकता है। पीयू प्रशासन को इसके बारे में पता लगा तो वह भी असमंजस में है। वह तय नहीं कर पा रहा है कि वेतन से सदस्यता शुल्क काटा जाए या नहीं। सूत्रों का कहना है कि पीयू प्रशासन पर वेतन काटने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए मेल भी उनके पास पहुंची है। अब देखना है कि पीयू प्रशासन क्या निर्णय लेता है। बता दें कि पुटा ने शिक्षकों का मेंबरशिप शुल्क 200 से 500 रुपये कर दिया है। इसको लेकर पीयू में मुद्दा गरमाया हुआ है।
विज्ञापन

एक्ट के मुताबिक वेतन किसी भी व्यक्ति के पर्सनल जीवन से जुड़ा हुआ होता है। उस पर पूरा हक उसी का होता है। उसके वेतन से यदि कोई कटौती की जाएगी तो उसकी अनुमति जरूरी है। एक्ट कहता है कि प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए जाने वाली रकम के लिए भी संबंधित व्यक्ति से अनुमति लेना जरूरी है। किसी संस्था या वेलफेयर एसोसिएशन को भी रकम देनी है तो उसमें भी संबंधित व्यक्ति की अनुमति लेने की आवश्यकता होगी। शिक्षकों ने साफ कह दिया है कि उनके वेतन से कटौती हुई तो वह केस तक भी दायर कर सकते हैं। कुछ शिक्षक नेताओं ने यह भी कहा है कि यदि शिक्षकों की ओर से विरोध हुआ तो पीआईएल डाली जाएगी और शिक्षक नेताओं का वेतन कटा तो वह खुद बाई नेम रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। हालांकि पीयू प्रशासन इस पर विचार कर रहा है। एक्ट को भी अधिकारी देख रहे हैं। वह कानूनी राय भी ले रहे हैं।
बैलेंस सीट दे पुटा
फोटो-
सीनेटर डॉ. अजय रंगा ने पुटा से बैलेंस सीट दिखाने को कहा है। उन्होंने कहा है कि शिक्षक लगातार इसकी मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग बैलेंस सीट दिखाने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह चाहते हैं कि बैलेंस सीट मांगने वाले शिक्षक मेंबरशिप न लें ताकि मेंबर वहीं बचे रहें जो उनको सपोर्ट करते हैं। उन्होंने कहा, शिक्षकों में यदि किसी बात का विरोध है तो उन्हें शांत करने का जिम्मा पुटा का बनता है। उन्होंने कहा, डेंटल कॉलेज की कैश प्रमोशन पॉलिसी बनवाने के लिए पुटा ने कोई पहल नहीं की और न ही रोस्टर यह लागू करवा पाए।
विज्ञापन

वर्जन---
फोटो-
नहीं काटी जा सकती मेंबरशिप
एक्ट के मुताबिक किसी भी व्यक्ति के वेतन से मेंबरशिप नहीं काटी जा सकती है। बार एसोसिएशन में भी ऐसा प्रावधान नहीं है। यहां सदस्य अपनी मर्जी से सदस्यता शुल्क जमा करते हैं।
विज्ञापन

- डीपीएस रंधावा, पीयू सीनेटर एवं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें