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सवाल-जवाब: नोटबंदी पर स्टूडेंट्स ने टंडन को घेरा, फोन सुनने के बहाने उठकर चले गए

Thu, 29 Dec 2016 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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स्टूडेंट्स के सवाल पर छूटे टंडन के पसीने - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट सेंटर पर नोटबंदी और लेसकैश डिजिटल इकोनामी पर परिचर्चा के दौरान स्टूडेंट्स ने टंडन को जमकर घेरा। इस दौरान सरकार की नीतियों पर एसएफएस ने जमकर हंगामा किया। 
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परिचर्चा में चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन, असिस्टेंट सोलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया चेतन मित्तल और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट अजय जग्गा मुख्य वक्ता रहे। तीनों वक्ताओं के भाषण के बाद स्टूडेंट्स ने अपने सवालों से संजय टंडन को जमकर घेरा। खासकर स्टूडेंट फॉर सोसायटी (एसएफएस) के कार्यकर्ताओं ने सवालों की झड़ी लगा दी। एक के बाद एक सवालों से घिरे टंडन वहां से उठ गए और फोन सुनने के बहाने साइड में चले गए।

स्टूडेंट विजय का सवाल: नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा पैसा भाजपा नेताओं के यहां ही मिल रहा है, क्यों?
टंडन का जवाब: तब भी मीडिया के माध्यम से सभी जानकारियां लोगों तक पहुंच रही हैं। कांग्रेस के समय तो सब चीजें दबा ली जाती थीं। कालेधन वाले हर व्यक्ति पर कार्रवाई होगी चाहे वह किसी भी पार्टी का हो।
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स्टूडेंट्स के सवाल सुन भाजपाध्यक्ष चले गए बाहर

स्टूडेंट्स के सवाल पर छूटे टंडन के पसीने - फोटो : अमर उजाला
स्टूडेंट हरमन का सवाल: 100 से अधिक मौत के बाद भी सरकार नाकामियों को कवर कर रही है। बार-बार नियम बदले जा रहे हैं। आखिर नोटबंदी से पहले सबको विश्वास में लेकर तैयारी क्यों नहीं की गई?
टंडन का जवाब: वह मानते हैं कि दिक्कतें ज्यादा हो रही हैं। इन्हीं दिक्कतों को जानने के बाद गाइडलाइंस जारी की जा रही हैं।

स्टूडेंट रमन का सवाल: कैशलेस इकोनॉमी की बात हो रही है। कीनिया अधिकतम कैशलेस इकोनॉमी वाला देश है। लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में वह प्रमुख देशों में आता है तो भारत इससे कैसे बचेगा?
अजय जग्गा का जवाब: जब कैश ही नहीं रहेगा तो भ्रष्टाचार अपने आप खत्म हो जाएगा। इसके लिए साइबर सिक्योरिटी को और मजबूत करना होगा। डिजिटल इंडिया के तहत डिजी लॉकर में अपने सभी जरूरी दस्तावेज डिजिटल फोम में रख सकते हैं। फिर चाहे विदेश में हो ओरिजनल कापी रखने की जरूरत नहीं रहती।
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नाम डिस्कशन तो लेक्चरबाजी क्यों?

स्टूडेंट्स के सवाल पर छूटे टंडन के पसीने - फोटो : अमर उजाला
नाम डिस्कशन तो लेक्चरबाजी क्यों?
स्टूडेंट्स ने स्टूडेंट काउंसिल पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब कार्यक्रम को डिस्कशन नाम दिया गया है तो भाषणबाजी क्यों हो रही है। सभी वक्ताओं के बोलने के बाद सवाल चिट पर लिखकर देने या फिर ई-मेल करने पर स्टूडेंट्स भड़क गए। खासकर एसएफएस के कार्यकर्ताओं ने माइक लेकर सवाल करने की जिद्द की। चिट बांटने पर टंडन के भाषण के बीच में ही आयोजकों और एसएफएस स्टूडेंट्स की बहस शुरू हो गई। बाद में स्टूडेंट्स को सवाल पूछने के लिए माइक दिया गया। सभी ने नोटबंदी की खामियों और कैशलेस पर टंडन को घेरा।

टंडन को बीच में ही टोका
असिस्टेंट सोलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया चेतन मित्तल और एडवोकेट अजय जग्गा के बाद संजय टंडन के भाषण के बीच में ही स्टूडेंट्स ने टोकाटाकी शुरू कर दी। शोर होने पर टंडन ने कहा कि दोस्ताें मैं आपके शहर का ही हूं। ऐसी कोई बात नहीं है हम बाद में बैठकर सब चीजों पर चर्चा कर सकते हैं। टंडन का भाषण खत्म होने पर चर्चा में जब स्टूडेंट्स ने माइक पकड़कर वापस नहीं लौटाया तो टंडन ने कहा कि टीवी में भी एंकर खुद माइक रखकर सवाल पूछता है। कार्यक्रम की शालीनता बनाए रखनी चाहिए। स्टूडेंट्स केअधिकतर सवाल भाजपा से ही थे। संजय टंडन जैसे ही फोन आने पर साइड में गए तो बवाल बढ़ने पर दो सवालों के बाद ही कार्यक्रम खत्म करना पड़ा।
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