फीस वृद्धि के खिलाफ पीयू में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के आगे पीयू अथॉरिटी अब दबाव में दिख रही है। संभावना है कि पीयू कुछ हद तक बढ़ी हुई फीस कम कर सकती है। इस मसले पर अब पीयू अथॉरिटी की पंजाब सरकार और यूजीसी से बैठक तय हो चुकी है। साथ ही सीनेट और सिंडिकेट सदस्यों की बैठक भी छात्र संगठनों के साथ तय हुई है। बैठक में फीस वृद्धि के मसले पर मंथन किया जाएगा।
शुक्रवार को छात्रों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी का आंदोलन तीसरे चरण में पहुंच गया। 11 अप्रैल को पीयू में हुई हिंसा के दस दिन बाद छात्र संगठनों ने शुक्रवार को फिर से वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। साथ ही एलान किया कि फीस वृद्धि वापस नहीं लेने तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों से मिलते पंजाब के कैबिनेट मंत्री चरणजीत चन्नी
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छात्रों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पीयू अथॉरिटी और पंजाब सरकार पर भी दबाव बढ़ने लगा है। इसी के चलते 25 अप्रैल को शाम छह पंजाब सरकार के वित्तमंत्री और तकनीकी शिक्षा मंत्री पंजाब सचिवालय में पीयू के वीसी के साथ बैठक करेंगे। इसमें पंजाब के पीयू को दिए जाने वाले हिस्से और बढ़ी हुई फीसों के मुद्दे पर बातचीत की जाएगी।
उसके बाद मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय के निर्देशों पर 27 अप्रैल को यूजीसी पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेटर की कोर कमेटी के साथ अतिरिक्त ग्रांट की मांग पर बैठक करेगी। इसी दिन पंजाब यूनिवर्सिटी में सिंडीकेट सदस्यों और कुछ सीनेटर सदस्यों की छात्रों के साथ बैठक होगी। इस बैठक में छात्र सीनेट व सिंडीकेट सदस्यों से फीस वृद्धि पर चर्चा करते हुए इसके रोलबैक की मांग करेंगे। इसके बाद 7 मई को फिर से पंजाब यूनिवर्सिटी में सभी सीनेट सदस्यों की बैठक होगी। इस बैठक में वीसी भी मौजूद रहेंगे।
पीयू की कार्यप्रणाली पर हरियाणा वित्तमंत्री का सवाल
पीयू के आर्थिक संकट पर हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने चिंता जताई है। लेकिन उन्होंने इस मसले में सीधे हस्तक्षेप से पल्ला भी झाड़ लिया है। उन्होंने कहा कि ठीक है पीयू हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में है और हरियाणा के काफी छात्र भी यहां पढ़ते हैं, लेकिन अभी तक पीयू के आर्थिक संकट व छात्रों केआंदोलन के बारे में हरियाणा सरकार के पास कोई शिकायत नहीं आई है। वित्तमंत्री के अनुसार कमजोर आर्थिक हालातों के पीछे पीयू खुद जिम्मेवार है।