पंजाब यूनिवर्सिटी की परीक्षा प्रक्रिया पर संकट के बादल छा गए हैं। 192 कॉलेज के शिक्षकों ने इस तरह के किसी भी कार्य का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। पीयू प्रबंधन की ओर से शिक्षकों को पिछले डेढ़ साल से विभिन्न मदों में पैसे का भुगतान नहीं किया गया है।
पीयू प्रबंधन से इस मुद्दे को लेकर डिस्टिक्ट काउंसिल ऑफ पीसीसीटीयू की ओर से कई बार अपनी बात रखी गई। हालांकि इसके बावजूद भी इसको लेकर किसी तरह का फैसला नहीं लिया गया। इसके बाद पीयू से एफिलिएटेड पंजाब सहित शहर के सभी कालेजों के शिक्षक परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने का निर्णय लिया। 23 अक्तूबर से एग्जामिनेशन से संबंधित हर फैसले का विरोध करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
दीपावली पर भी प्रबंधन ने दिखाया ठेंगा
जहां फेस्टिवल सीजन में खुशियों मनाने को लेकर हर सरकारी और गैर सरकारी संस्था की ओर से सैलरी सहित अन्य मदो में भुगतान किए जा रहे हैं। वहीं पीयू प्रबंधन की ओर से दिपावली में भी करीबन दो हजार शिक्षकों को ठेेंगा दिखाया गया है। जिसका सीधा असर कॉलेज के बच्चों पर पड़ने वाला है। क्योंकि एग्जामिनेशन कार्य में शिक्षक भाग नहीं लेंगे, तो उसे सही तरीके से संचालित कराना संभव नहीं हो पाएगा। इस कारण छात्रों का सेमेस्टर लेट होने की पूरे आसार नजर आ रहे हैं।