पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) के प्रोफेसरों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पीयू व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। प्रोफेसरों ने हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद पीयू की ओर से रकम जारी न करने पर फिर से कोर्ट में दस्तक दी थी।
मामला पीयू केशिक्षकों की 58 वर्ष की रिटायरमेंट एज से जुड़ा है, जिन्हें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के सिंगल जज ने तत्काल प्रभाव से 16 अगस्त को सेवामुक्त करने के आदेश दिए थे। इन आदेशों को शिक्षकों ने डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी। डिवीजन बेंच ने उन्हें राहत देते हुए पीयू को आदेश दिए थे कि इन शिक्षकों को उनके लंबित वेतन का भुगतान किया जाए। हाईकोर्ट केआदेशों के अनुरूप पीयू को इन शिक्षकों को 26 अक्तूबर तक लंबित वेतन का भुगतान करना था।
शिक्षकों ने अब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि पीयू इन प्रोफेसरों को अब भी पूरा वेतन जारी नहीं कर रहा है। अर्जी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत एवं जस्टिस सुदीप अहलुवालिया की खंडपीठ ने पीयू को 6 दिसम्बर के लिए नोटिस जारी करते हुए मुख्य याचिका के साथ ही इस अर्जी पर सुनवाई किये जाने के आदेश दिए हैं। पीयू के इन प्रोफेसरों ने दायर अर्जी में बताया है की डबल बेंच ने 22 अगस्त को सिंगल जज के फैसले पर रोक लगाते हुए इन्हें अगले आदेशों तक पूरा वेतन जारी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद आदेशों की पालना न करते हुए प्रोफेसरों को अब भी पूरा वेतन जारी नहीं कर रहा है।