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पंजाब यूनिवर्सिटी में ई-रिक्शा चालकों का आरोप- ठेकेदार ने दी धमकी, 850 रुपये प्रतिदिन दो, तब चलाओ

Fri, 11 Oct 2019 11:50 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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ई-रिक्शा चालक - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी में ई रिक्शा चालकों की हड़ताल को लेकर पीयू प्रशासन व ठेकेदार के मध्य बैठक हुई, लेकिन इसमें ई रिक्शा चालकों के पक्ष में कोई निर्णय नहीं हुआ। पीयू प्रशासन ने साफ कह दिया है कि ई रिक्शा चालकों के साथ उनका कोई करार नहीं हुआ है। ठेकेदार व ई रिक्शा चालक अपना विवाद निपटाएं। यह बात सामने आने के बाद ठेकेदार के हौसले बुलंद हो गए।
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ई रिक्शा चालकों का आरोप है कि उन्हें ठेकेदार की ओर से धमकी दी गई है कि प्रतिदिन 850 रुपये यदि कमाकर देंगे तो वह रिक्शा चलाएं। इससे रिक्शा चालकों में आक्रोश है। उन्होंने साफ कह दिया कि 700 से 750 रुपये ही प्रतिदिन किराया आता है। ऐसे में 100 रुपये वह कहां से लाएंगे। इसके अलावा उनका खर्च कहां से निकलेगा। कहा, सभी लोग ई रिक्शा चालकों का शोषण कर रहे हैं।

अब वह श्रम विभाग भी जाएंगे। साथ ही भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि पीयू प्रशासन को ठेकेदार का अनुबंध इसी बेस पर खत्म कर देना चाहिए था लेकिन सभी की मिलीभगत से यह हो रहा है।
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ई रिक्शा चालकों को मिला आइसा का समर्थन

ई रिक्शा चालकों के प्रोटेस्ट को आइसा के पदाधिकारियों ने समर्थन दिया है। पीयू अध्यक्ष आइसा विजय कुमार ने वीरवार को कहा कि गरीब रिक्शा चालकों का शोषण किया जा रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका पूरा साथ दिया जाएगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर पीयू प्रशासन के खिलाफ भी मोर्चा खोला जाएगा।

उन्होंने कहा, रिक्शा चालकों का बकाया भुगतान पहले किया जाए। रजत कुमार ने भी विचार रखे। इनके अलावा कई अन्य छात्र संगठन भी ई रिक्शा चालकों के साथ खड़े हो गए हैं। वह भी शुक्रवार से प्रोटेस्ट में शामिल हो सकते हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि ठेकेदार का कांट्रेक्ट हर हाल में खत्म होना चाहिए। कई बार यह विवादों में आ गए हैं।

साथ ही किसी अन्य को काम देकर ई रिक्शा का संचालन करवाया जाए ताकि छात्रों का भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
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