अगर कुछ बनना ही है तो इस लड़की के जैसा बनो। देश और पूरी दुनिया सलाम करेगी और जिंदगी भी आगे बढ़ने के कई मौके देगी। दरअसल, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में कानून की पढ़ाई कर रही स्मृति कठैत ने 17 घंटे लगातार दौड़कर नासिक टु ठाणे की अल्ट्रा मैराथन में तीसरा स्थान हासिल किया है। शाम चार बजे से मैराथन शुरू हुई थी, जो अगले दिन सुबह नौ बजे खत्म हुई।
इस दौरान स्मृति को गर्मी और हाईवे में चलने वाले ट्रैफिक ने खूब परेशान किया, लेकिन वे इससे डरी नहीं बल्कि जूझते हुए 100 किलोमीटर लंबे अल्ट्रा मैराथन को पूरा किया। स्मृति खिताब जीतने के बाद चंडीगढ़ वापस लौट आईं हैं। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि वे बहुत खुश हैं कि उनकी मैराथन पूरी हो गई। चंडीगढ़ के मुकाबले मुंबई का तापमान काफी अधिक था।
43 से 45 डिग्री के तापमान में दौड़ना आसान बात नहीं थी। रात के वक्त हाइवे पूरी तरह से खाली था। इस दौरान अकेली लड़की का दौड़ना बहुत मुश्किल लक्ष्य था, लेकिन आंखों के सामने मैराथन का टारगेट पूरी तरह से स्पष्ट था। इसलिए न तो डर लगा और न ही गर्मी से थकान। अच्छी प्रैक्टिस होने के कारण उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं आई।