24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खुलवाने समेत कई मांगों को लेकर डे-नाइट प्रोटेस्ट कर रहे छात्र संगठनों ने डीन स्टूडेंट वेलफेयर के 30 दिन में 10 दिन बाहर जाने के प्रपोजल को ठुकरा दिया है। इस प्रोपोजल में यह शर्त रखी गई है कि रजिस्टर में एंट्री और लेट नाइट बाहर जाने की अर्जी जमा करवाने के बाद ही छात्राएं बाहर जा सकती हैं। साथ ही अगर कोई छात्रा 11वें दिन बाहर जाती है तो उसे फाइन देना होगा। सोमवार को डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) के मैन और वुमैन कमेटी ने छात्राओं के समक्ष जब यह प्रस्ताव रखा तो वाइस चांसलर ऑफिस के बाहर प्रोटेस्ट कर रहीं छात्राओं ने इसे तुरंत अस्वीकार कर दिया। छात्राओं ने सोमवार को भी जमकर नारेबाजी की। यह धरना दोपहर करीब दो बजे से लेकर चार बजे तक रहा। छात्राओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें स्वीकार नहीं जातीं धरना जारी रहेगा।
हम बाहर जाने के लिए रजिस्टर में एंट्री करने को हैं तैयार, मगर अर्जी क्यों दें: कनुप्रिया
पीयू स्टूडेंट यूनियन की प्रधान कनुप्रिया ने कहा कि प्रपोजल के अनुसार बाहर जानी वाली छात्राओं को रजिस्टर में एंट्री के साथ-साथ अर्जी भी देनी होगी, जो गलत है। इसके अलावा दस दिन के बाद 11वें दिन यदि कोई छात्रा बाहर जाती है तो उन पर भी फाइन रखा गया। यह दोनों बातें छात्राओं को स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि जब छात्राएं रजिस्टर में तमाम जानकारी दे देंगी तो उनसे अर्जी क्यों मांगी जा रही है। यह प्रपोजल दो महीने के लिए ट्रायल पर रखा जाना था। लेकिन डीएसडब्लयू एवं स्टूडेंट के बीच सहमति नहीं बन पाई है। डीन प्रो. नायर ने स्टूडेंट काउंसिल की प्रधान कनुप्रिया के साथ इस प्रपोजल को प्रोटेस्ट से पहले सोमवार दोपहर मीटिंग में रखा। इस मीटिंग में डीन स्टूडेंट वेलफेयर के अलावा हॉस्टल नंबर सात की वार्डन सहित कुछ प्रोफेसर शामिल हुए। इसके बाद वीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन में विद्यार्थियों के सामने यह प्रपोजल रखा गया। इसमें डीन स्टूडेंट वेलफेयर भी यहां मौजूद थे। लेकिन प्रपोजल में अर्जी की बात पर सहमति नहीं बन पाई। इसके अलावा विद्यार्थियों ने 11वें दिन बाहर जाने पर फाइन की बात को भी अस्वीकार किया।
हमें कोई जल्दी नहीं, वीसी से विचार-विमर्श करें
प्रपोजल पर जब सहमति नहीं बनी तो प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही स्टूडेंट काउंसिल यूनियन की अध्यक्ष कनुप्रिया एवं अन्य छात्राओं ने डीन स्टूडेंट वेलफेयर को प्रपोजल पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि डीन स्टूडेंट वेलफेयर वीसी से बातचीत कर प्रपोजल बना लें। बेशक वीसी बाहर गए हों तो उन्हें आने दें। उनको प्रोटेस्ट खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है।
चांसलर के साथ प्रपोजल पर होगी बात
डीन स्टूडेंट वेलफेयर के हेड प्रो. इमनुअल नाहर ने कहा कि विद्यार्थियों के सामने जब प्रपोजल रखा अभी उस पर सहमति नहीं बन पाई है। अब इस प्रपोजल पर वीसी से बातचीत की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों ने 50 फीसदी अटेंडेंस की मांग की है उस पर भी राहत दी जाएगी।
क्या है डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर का प्रपोजल
- एक महीने में सिर्फ दस दिन छात्राएं जा सकती हैं हॉस्टल से बाहर।
-बाहर जाने पर देनी होगी अर्जी और रजिस्टर पर आने एवं जाने की तमाम जानकारी।
- एक महीने में 10 दिन के बाद यदि छात्रा 11वें दिन बाहर जाएंगी तो देना होगा फाइन।
- दस दिन में रात 11 बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक मिलेगी 24 घंटे की आजादी।
- 24 घंटे हॉस्टल से लाइब्रेरी जाने की मंजूरी।
प्रपोजल के बाद छात्राओं की ये हैं मांग
- 24 घंटे हॉस्टल को ओपन रखा जाए। इसमें अर्जी की शर्त स्वीकार नहीं।
- रजिस्टर पर एंट्री पर राजी।
- रात 11 बजे के बाद बाहर रहने पर फाइन हटाया जाए।
- ब्यॉयज हॉस्टल की तरह गर्ल्स हॉस्टल में नियमों को लागू किया जाए।
- गर्ल्स हॉस्टल के बाहर लाइट एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए।
गर्ल्स हॉस्टल को दी दो घंटे की आजादी
पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर की ओर गठित कमेटी ने पीयूसीएससी प्रधान कनुप्रिया के साथ 24 घंटे गर्ल्स खुलवाने के मामले में बैठक की। इस बैठक का नेतृत्व डीन स्टूडेंट वेलफेयर ऑफिस प्रो. इमनुअल नाहर ने किया। बैठक में कहा गया कि छात्राओं की बाहर रहने का समय रात नौ बजे से बढ़ाकर रात 11 बजे तक किया जाता है। यदि छात्राएं 11 बजे के बाद बाहर जाना चाहती हैं तो उनको एप्लिकेशन देनी होगी।